November 30, 2025

फैटी लिवर का घरेलू इलाज | फैटी लिवर को दूर करने के लिए इन चीजों का इस्तेमाल करें

लिवर में थोड़ी-बहुत चर्बी रहना तो एक सामान्य बात है, लेकिन जब लीवर की कोशिकाओं में सामान्य से अधिक चर्बी जमा होने लगती है तो यह फैटी लीवर का रूप ले लेती है, यह दो प्रकार की होती है। 

एल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज-
इस तरह के Fatty लीवर की समस्या उन लोगों को होती है, जो कि शराब का अधिक इस्तेमाल करते हैं, अधिक अल्कोहल के कारण लीवर पर वसा जम जाता है और लीवर पर सूजन भी आ सकती है, जिससे कि लीवर क्षतिग्रस्त हो सकता है। 


नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिज़ीज-
इस तरह के फैटी लीवर की समस्या उन लोगों को होती है जो सहीलाइफ़स्टाइल को नहीं अपनाते हैं, खासतौर पर मोटापे और डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को इस तरह के फैटी लीवर की समस्या की काफी ज्यादा संभावनाएं रहती हैं। 

लेकिन अगर सही जीवनशैली और सही खान-पान को अपनाएं तो फैटी लीवर की समस्या से मुक्त हुआ जा सकता है, तो आइए आज हम बात करते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिनको अपने खान-पान में शामिल करने से आप फैटी लीवर की समस्या को हमेशा-हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं। 

Fatty Liver की समस्या को दूर करने के लिए उपयोगी आहार- 
अखरोट- 
अखरोट में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस सेलेनियम के साथ ही प्रोटीन और omega-3 फैटी एसिड्स भी होते हैं जो कि शरीर से अतिरिक्त चर्बी को बाहर निकालने में काफी उपयोगी होते हैं। 

लहसुन-  
लहसुन में प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेन्ट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के अतिरिक्त वसा को शरीर से बाहर निकालने का भी काम करता है, जिससे कि शरीर की फैट कम होती है और शरीर में स्फूर्ति आती है, इसके अलावा लहसुन में पाया जाने वाला सल्फायड्रल नाम का तत्व बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है। 

ब्रोकली-
ब्रोकली में पाए जाने वाले दुर्लभ तत्व लीवर में मौजूद ट्राइग्लिसराइड की मात्रा को कम कर सकते हैं, नियमित रूप से ब्रोकली का सेवन करने से लीवर में जमा अतिरिक्त वसा हटने लगता है। 

ओमेगा 3 फैटी एसिड- 
ओमेगा 3 फैटी एसिड सूजन और जलन की समस्या को दूर करने के साथ ही लीवर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने का भी काम करते हैं और यह लीवर ही नहीं शरीर की अतिरिक्त फैट को भी बाहर निकालते हैं। 

एवोकैडो- 
एवोकैडो में पाया जाने वाला बीटा-सिटोस्टीरॉल कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करता है, जिससे कि शरीर के साथ ही लीवर का भी अतिरिक्त वसा कम होने लगता है। ग्रीन टी- ग्रीन टी में मौजूद प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और फैट बर्न करने वाले अन्य कई प्रकार के तत्व पाए जाते हैं, जो कि शरीर और लीवर की अतिरिक्त फैट को कम करने के साथ ही लीवर को स्वस्थ रखने में भी यह महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

टोफू- 
टोफू में मौजूद एंटीऑक्सीडेन्ट्स तत्व लीवर में मौजूद अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक होते हैं। 

दलिया- 
दलिया में प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर शरीर के लिए काफी हल्का होता है, और जिससे कि लीवर को काफी कम काम करना पड़ता है और लीवर की अतिरिक्त चर्बी को बाहर करने में भी यह उपयोगी भूमिका निभाता है। 

सूखे आंवले का चूर्ण- 
आंवले में भरपूर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी शरीर की अतिरिक्त चर्बी को बाहर निकालने में भी काफी असरदायक होते हैं जिससे कि लीवर की कार्यप्रणाली भी ठीक रहती है, और यह फैटी लीवर को कम करने में भी सहायक होता है। मिल्क थिसल-   कई औषधीय गुणों से भरपूर झाड़ीनुमा इस पौधे में भरपूर मात्रा में हेपटो प्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो कि फैटी लीवर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए काफी उपयोगी होते है। 

छाछ- 
छाछ में मौजूद भरपूर मात्रा में प्रोटीन फैटी लीवर को कम करने में काफी असर दायक होते हैं और यह पाचन शक्ति को भी बढ़ाते है और शरीर को ठंडक प्रदान करता है।   

नीम्बू-   
नींबू में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी पाया जाता है जो कि फैटी लिवर को कम करने के लिए काफी कारगर माना जाता है। 

संतरा-  
संतरे में पर्याप्त मात्रा में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की अतिरिक्त फैट को बाहर निकालने में सहायक होते हैं, जिससे कि लिवर सुरक्षित रहता है। 

सेब का सिरका-  
विटामिन सी से भरपूर सेब के सिरके से भी लीवर की फैट को कम करने में मदद मिलती है। 

टमाटर- 
टमाटर में मौजूद लाइकोपीन में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी  और anti-cancer एजेंट होते हैं, जिससे कि फैटी लिवर को कम करने के साथ ही लीवर कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद मिलती है। 

नारियल का पानी- 
नारियल पानी में मौजूद प्रचुर मात्रा में प्रोटीन लीवर को दुरुस्त रखने में मदद करता है और अतिरिक्त वसा को दूर करने का भी काम करता है। यह थायराइड हार्मोन को संतुलित रखने के साथ ही मोटापे को भी नियंत्रित करता है।  

जैतून का तेल- 
भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होने के कारण जैतून का तेल शरीर के अतिरिक्त वसा को कम करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह फैटी लीवर के लिए भी बहुत बढ़िया औषधि होती है। 

सूरजमुखी के बीज- 
विटामिन B1, बी3, B6, प्रोटीन, मैग्नीशियम और फास्फोरस से भरपूर सूरजमुखी के बीज भी लिवर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। 

सुबह प्राणायाम और व्यायाम के साथ ही तेज दौड़ने से भी फैटी लीवर को कम करने में मदद मिलती है।

अलसी- 
अलसी में प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं, इसके साथ ही अलसी कोशिकाओं में हो रहे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके लीवर को हुए नुकसान को कम करने का महत्त्वपूर्ण काम करती है। 

दुग्ध उत्पाद- 
कम वसा वाले डेयरी उत्पादों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होने के कारण यह फैटी लीवर को कम करने के लिए काफी कारगर होते हैं और लीवर की कोशिकाओं की मरम्मत करने में काफी मददगार साबित होते हैं। 

इसके अतिरिक्त टिंडा, लौकी, गाजर, तुरई, प्याज, चुकंदर, अदरक, अंकुरित अनाज और फाइबर से भरपूर भोजन करने से भी फैटी लिवर को कम करने में मदद मिलती है। 

फैटी लिवर में क्या नहीं करना चाहिए- 
फैटी लीवर में चावल, सफेद चीनी, नमक, रेड मीट, पास्ता, सफेद ब्रेड, शराब, तली हुई चीजों आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। 

फैटी लीवर की स्थिति में प्रोसेस्ड और रिफाइंड अनाज जैसे कि मैदा, व्हाइट राइस, पास्ता आदि से बचना चाहिए। 

फैटी लिवर से बचने के लिए जितना हो सके अपने घर का पका हुआ भोजन ही करना चाहिए क्योंकि जब आप बाहर की तली-भुनी चीजें खाते हैं या बाहर का भोजन करते हैं तो जितनी बार एक ही तेल में वो भोजन पकता है, उस तेल में तेजी से फ्री रेडिकल्स पनपने लग जाते हैं और फ्री रेडिकल्स शरीर में वसा और टॉक्सिन्स  को बढ़ाने में सहायक होते हैं, जिससे कि शरीर में फैट बढ़ती है और उसके कई घातक परिणाम हो सकते हैं। 

बेवजह दवाइयां लेने से भी फैटी लीवर की संभावना बढ़ती है, इसलिए फालतू में दवाइयों का उपयोग नहीं करके जरूरत होने पर ही इनका सेवन करना चाहिए। 

Fatty Liver के लक्षण- 
फैटी लीवर में लिवर की कार्य क्षमता कम हो जाती है, जिससे कि खाना हजम होने में दिक्कत आती है, एसिडिटी होने लग जाती है, आंखों और त्वचा में पीलापन नजर आने लगता है और पेट के दाएं भाग के ऊपरी हिस्से में दर्द या खिंचाव महसूस होने लगता है। 

फैटी लिवर शरीर के लिए घातक तो नहीं है-  
ज्यादातर लोगों में जिनमें फैटी लीवर होता है उनमें शरीर में फैटी लीवर के कोई बहुत घातक असर नहीं देखने को मिलते है, भारत में अधिकांश लोग फैटी लीवर से ग्रस्त हैं।  

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