Jack Ma का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
Jack Ma का जन्म चीन के एक छोटे से गाँव हन्ग्ज़्हौ में 10 सितम्बर, 1964 को हुआ। Jack Ma के माता-पिता पारम्परिक गाने बजाकर अपनी रोजी-रोटी चलाते थे।
Jack Ma पढाई में बहुत कमजोर थे। वे प्राथमिक विद्यालय की परीक्षाओं में दो बार और मिडिल स्कूल की परीक्षाओं में तीन बार fail हुए।
Jack Ma को शुरू से ही अंग्रेजी सीखने का काफी शौक था। 1972 में अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन हंग्ज़्हौ आए। जिससे कि हंग्ज़्हौ का पर्यटन व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा। उस समय Jack Ma पढाई के साथ-साथ tour guide के रूप में भी काम करने लगे।
वे विदेशों से आए लोगों को घुमाते इससे उनको कुछ पैसे मिल जाते थे, और उनकी अंग्रेजी सीखने की इच्छा भी पूरी हो जाती थी। और करीब 9 सालों तक उन्होंने एक tourist guide के रूप में काम करा, इससे उनकी English काफी अच्छी हो गयी।
हाई स्कूल complete करने के बाद विश्वविद्यालय आवेदन के समय Jack Ma तीन बार असफल हुए। और उसके बाद उन्होंने Hangzhou Dianzi Unversity से English में प्रवेश लिया।
जिस साल Jack Ma ने अपना graduation complete करा उसी साल कुल मिलाकर करीब 500 लोगों ने अपना graduation complete करा। Jack को छोड़कर सभी 499 लोगों को मिडिल स्कूल में पढाने के लिए भेजा और Jack Ma अकेले ऐसे लड़के थे जिन्हें यूनिवर्सिटी में पढाने के लिए चुना गया।
डिग्री मिलने से पहले ही Jack Ma English के शिक्षक बन गए। Jack Ma का पढ़ाने का ढंग university को इतना पसंद आया कि University के प्रेजिडेंट ने Jack को पाँच साल तक उसी University में पढ़ाने के लिए promis माँगा और जैक ने उनसे पाँच साल तक वहीं पढ़ाने का वादा भी कर लिया।
नौकरी के लिए Jack Ma के संघर्ष
Graduation complete करने के बाद Jack Ma ने करीब तीस जगहों पर जॉब पाने के लिए अप्लाई करा। लेकिन सभी जगह उनको असफलता का सामना करना पड़ा।
KFC के चीन में आने के बाद करने 24 लोगों ने KFC में Job के लिए अप्लाई करा। Jack Ma को छोड़कर सभी 23 का लोगों KFC में selection हो गया।
जब Jack ने पुलिस फाॅर्स में apply करा तो उन्हें पुलिस के लिए अयोग्य मानकर पुलिस की जॉब के लिए मना कर दिया।
अलीबाबा की शुरुआत-
शुरू में अलीबाबा को अपना business ज़माने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, नई कंपनी होने की वजह से उनपर पर कोई भरोसा नहीं कर रहा था।
1995 में Jack Ma ने अपनी पत्नी और कुछ दोस्तों की मदद से एक और कंपनी China Yellow Pages की शुरुआत करी।
केवल तीन वर्षों के भीतर ही इस कंपनी ने करीब 5000000 चीन युआन की कमाई करी, जो उस समय के करीब 800000 अमेरिकी डॉलर के समान थे।
इसके बाद Jack Ma ने कुछ दोस्तों की मदद से अमेरिका में रहते हुए चीनी कम्पनीज के लिए websites बनाना शुरू कर दिया।
Jack Ma का यह कहना था कि इंटरनेट की स्पीड काफी कम होने के कारण वो website develop करते समय अपने दोस्तों के साथ उनको ताश खेलना और TV देखा करते थे। क्योंकि कई बार आधा पेज बनाने में उनको 3.5 घंटे तक का समय लग जाता था।
1998 – 1999 तक Jack Ma एक IT company China International Electronic E – COMMERCE में President के पद पर काम करा।
फिर Jack Ma ने अपनी खुद की एक E-Commerce Company खोलने की सोची और इसी उद्देश्य के लिए Jack Ma ने करीब 18 लोगों को अपने apartment में बुलाकर उनसे अपने सपने के बारे में करीब दो घंटे तक चर्चा करी।
सभी को Jack Ma का ये vision काफी पसंद आया और और सभी ने मिलकर करीब 60000 डॉलर जमा करके टेबल पर रख दिये।
फिर Jack Ma ने अपनी कंपनी में धन जुटाने के लिए अमेरिका के सिलिकॉन वेल्ली का रुख करा, पर उधर उनको असफलता ही हाथ लगी, और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को घाटे का प्रोजेक्ट बताकर इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से मना कर दिया।
लेकिन बाद में अलीबाबा में 1999 तक गोल्डमैन सैक्स ने $5 मिलियन और सॉफ्टबैंक ने 20 मिलियन का investment करा।
अलीबाबा की शुरुआत के तीन साल के बाद तक अलीबाबा को कोई revenue generate नहीं हुआ। अलीबाबा के पास कोई भी online payment सिस्टम नहीं था, और इस कमी को पूरा करने के लिए अलीबाबा ने 2004 में Alipay नाम के ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम की शुरुआत करी।
आज 80 करोड़ से ज्यादा लोग ऑनलाइन भुगतान के लिए Alipay को Use में लेते हैं।
आज 200 से ज्यादा countries में अलीबाबा का बिज़नेस फैला हुआ है।
यह बात उस समय की है जब चीन के लोग इंटरनेट के बारे बहुत ही कम जानते थे। जैक को अपनी कंपनी, जो उस समय translation का काम करती थी, के किसी काम के कारण अमेरिका जाना पड़ा।
वहाँ उनके दोस्त स्टुअर्ट ने उनको इंटरनेट के बारे में बताया और समझाया कि इंटरनेट के माध्यम से Jack Ma कुछ भी कर सकते हैं।
Jack Ma internet के बारे में सुनकर काफी हैरान हुए और उन्होंने पहली बार इंटरनेट पर बीअर यानि कि भालू को search करा और ये देखकर वो काफी अचंभित रह गए कि उनको जापान, जर्मनी और अमेरिका में तो भालू search हो गया, लेकिन चीन में उनको भालू कहीं पर भी search नहीं हुआ, इसके बाद जैक मा ने चीन से सम्बंधित और भी कई चीजों को search करा, लेकिन जैक मा को चीन से रिलेटेड कोई भी चीज internet पर नहीं आयी। इससे jack मा को चीन में इंटरनेट की काफी समभावनाएँ नजर आयी।
अपने कुछ दोस्तों से बात करके Jack Ma ने चीन का एक पेज बनाया जिसको उन्होंने चीन पेज का नाम दिया। जो कि बहुत अच्छा भी नजर नहीं आ रहा था, लेकिन 5 घंटे में लोगो के जैक मा के पास मेल आने लगे कि वो लोग उनके साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। Jack Ma को ये बहुत अच्छा लगा। और वो ये बात और अच्छी तरह से समझ गए कि इंटरनेट से काफी तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।
जैक मा ऐसा नाम अपने business के लिए चाहते थे जिसके बारे में ज्यादातर लोग जानते हों और तभी उनको Alibaba का विचार आया। सेनफ्रांसिस्को के एक कॉफी शॉप में जैक माँ एक दिन बैठे थे तभी उधर उनके पास आयी एक वेटरेस से उन्होंने पुछा कि ‘क्या आप अलीबाबा को जानती हैं’ तो वेटरेस ने उनके प्रश्न पर यह जवाब दिया कि ‘वही ना खुल जा सिम सिम।’ ये सुनकर Jack Ma ने हाँ बोला।
इसके आलावा उन्होंने गली में जाकर और भी करीब 30 लोगों से यही प्रश्न करा, सभी का जवाब हाँ में मिला और यही से वो समझ गए कि अलीबाबा को दुनिया के कई देशों के अधिकतर लोग जानते हैं इसलिए ये नाम उनकी कंपनी के लिए सबसे सही रहेगा।
अलीबाबा से कोई कमाई न होने के कारण Jack Ma ने एक फ्री ऑक्शन पोर्टल खोलने का निर्णय लिया जिसका नाम उन्होंने “ताओबाओ डॉट कॉम” रखा और ये कंपनी उन्होंने Ebay को पछाड़ने के लिए बनायी थी क्योंकि उस समय Ebay online ऑक्शन के लिए काफी प्रचलित थी पर पूरी तरह से फ्री होने के कारण Jack Ma काफी आर्थिक दबाव में आ गए। और उस आर्थिक परेशानी को दूर करने के लिए Jack Ma ने कस्टम वेबपेजेज जैसी कई value added services Launch करी। और इसका नतीजा ये हुआ कि केवल 5 साल में ही ebay को चीन के market से पीछे हटना पड़ा।
इसके बाद भी कंपनी को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा, और एक समय में तो ऐसे हालात बने कि कंपनी दिवालिया होने से केवल 18 महीने ही दूर खड़ी थी, पर जैक मा ने अपनी दूरदर्शिता और मेहनत के दम पर अपनी कंपनी को उस बुरे हालात से बाहर निकाल दिया।
2013 में अलीबाबा 10 लाख करोड़ के IPO के साथ US के बाजार का सबसे बड़ा IPO बनकर उभरा।
Jack Ma अब कंपनी से ज्यादा पढ़ाने को ज्यादा पसंद करते हैं इसलिए अब वो CEO के पद से हटकर पढ़ाने पर ज़ोर देने का मन बना चुके हैं।
