November 29, 2025

How to cost cutting of your product

दोस्तों किसी भी प्रोडक्ट को बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है Raw Material.
और अगर रॉ मैटेरियल क्वालिटी का नहीं है तो निश्चित रूप से आप का प्रोडक्ट भी ज्यादा क्वालिटी का नहीं बनेगा, क्योंकि जब आपके प्रोडक्ट का बेस ही मजबूत नहीं है तो प्रोडक्ट की क्वालिटी कैसे बढ़िया रह सकती है। 

इसलिए product की success के लिए क्वालिटी का रॉ मटेरियल बहुत जरुरी है। और quality के साथ ही रॉ मटेरियल का सस्ता होना भी बहुत जरूरी है इसलिए हमेशा इस बात की रिसर्च करते रहना चाहिए कि हमें क्वालिटी का रॉ मटेरियल सही रेट पर किधर मिल सकता है।

लेकिन इसमें भी कुछ लॉजिक लगाने चाहिए। आपके product का प्रोडक्शन रॉ मटेरियल के जितना करीब होगा, आपका प्रोडक्ट उतना ही सस्ता बनेगा। जैसे मान लो आप राजस्थान में रहते हैं और अभी आप अपने प्रोडक्ट के लिए कच्चा माल आंध्रप्रदेश से मंगाते हैं। तो निश्चित रूप से उसे आप तक पहुँचने में काफी समय लग जाता होगा। और उसके साथ ही उसकी लागत भी आप तक पहुंचने में काफी लग जाती होगी। यानी कि वो रॉ मेटेरियल आप तक देर से पहुंचने के साथ ही महंगा भी पड़ जाता है। यानी प्रोडक्ट बनने के बाद या तो वो प्रोडक्ट आपको काफी ज्यादा दाम में बेचना होगा या फिर आपको उस पर काफी कम मुनाफा मिलेगा। जबकि वो प्रोडक्ट पूरे India और India के बाहर भी export होता है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर आपके product की मैन्युफैक्चरिंग आंध्रप्रदेश के उस एरिया के पास से होती, जहां पर आपको आसानी से कच्चा माल मिल सकता है, तो आपकी product costing काफी कम हो जाती और आप काफी अच्छा मुनाफ़ा भी बना सकते थे। और ये मुनाफा आपको competition में अपने आपको बेहतर प्रदर्शन करने की ताकत देगा। 

और अगर आप उस एरिया में मैन्युफैक्चरिंग खुद नहीं कर सकते हैं तो आप उस एरिया में जहां पर आपके प्रोडक्ट का रॉ मेटेरियल काफी सस्ता और बढ़िया मिलता है, उसके आस पास के एरिया के ही किसी वेंडर को चुन सकते हैं जो आपके लिए वह प्रोडक्ट बनाएं। 

यही कारण है कि कई बड़ी कंपनियां वेंडर से अपने प्रोडक्ट बनवाती है और अपने brand नाम  के थ्रू उस प्रोडक्ट को बाजार में बेचती हैं, पर इसमें सारा quality control उस कंपनी का होता है, जिसके नाम से वह प्रोडक्ट बिकता हैं। 

अगर आप किसी वेंडर को अपने प्रोडक्ट को बनाने के लिए यूज में लेते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आप यह चेक करते रहें कि वह प्रोडक्ट आपकी क्वालिटी के हिसाब से सही है या नहीं।  

आप इस तरीके से भी किसी दूसरी जगह पर अपने प्रोडक्ट का प्रोडक्शन स्टार्ट कर सकते हैं। 

लेकिन इस चीज का हमेशा ध्यान रखें कि प्रोडक्ट उस जगह पर ही मैन्युफैक्चर करवाएं, जो आपके product के रॉ मटेरियल के करीब हो।

साथ ही हमें इस बात का भी पूरा ध्यान रखना है कि हमेशा यह रिसर्च करते रहना है कि अपने को सस्ता और बढ़िया रॉ मेटेरियल किधर से मिल सकता है, कई बार आप जिस रॉ मेटेरियल को सस्ता और बेहतर समझते हैं, उससे भी सस्ता और बढ़िया रॉ मेटेरियल आपके दूसरे competitors काम में लेते हैं। और वो आपको बिज़नेस में कड़ी चुनौती देते रहते हैं।

इस चीज पर हमेशा research करते रहना चाहिए कि market में आप से बढ़िया प्रोडक्ट किसका है और किस रेट पर मिल रहा है, अगर वह product आपके product से कम रेट पर मिल रहा है और उसकी क्वालिटी भी आपके product के बराबर या आपके product से ज्यादा बेहतर है, तो मान कर चलिए या तो वो उस product पर कम मुनाफा ले रहा है या फिर वह जो रॉ मैटेरियल काम में ले रहा है, वो आपके रॉ मटेरिअल की क्वालिटी से बढ़िया भी है और सस्ती भी है।

अब हमें यह रिसर्च करनी चाहिए कि वह अपने प्रोडक्ट के लिए रॉ मैटेरियल किस जगह से मंगवा रहा है और अगर हमें इसका पता चलता है तो हम भी उस जगह से वो रॉ मटेरियल मंगा सकते हैं। और अपने प्रोडक्ट का सही और सस्ता production कर सकते है। 

पर इसके साथ ही हमें हमेशा यह भी research करनी चाहिए कि उससे भी सस्ता और बढ़िया raw material हमें किधर से मिल सकता है। 

इसलिए रॉ मेटेरियल को लेकर रिसर्च कभी भी बंद नहीं होनी चाहिए, वह हमेशा चलती रहनी चाहिए।  जितना सस्ता और बढ़िया रॉ मटेरियल आप काम में लोगे, आप मान लो कि आप का प्रोडक्ट उतना ही बढ़िया और सस्ता होगा और आपका कंपटीशन भी काफी हद तक कम हो जाएगा।  

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