November 29, 2025
Image of how to get relief from diabetes highlighting the indications, reasons and remedies of diabetes.

डायबिटीज के मुख्य कारण, संकेत और निदान

Diabetes Mellitus एक गंभीर और दीर्घकालिक चयापचय सम्बन्धी बीमारी है, और आज दुनियाभर के लाखों लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इसका शीघ्र ही प्रभावी इलाज करना बहुत महत्त्वपूर्ण है। और आज इस ब्लॉग में हम आपको इस बीमारी के निदान के लिए किये जाने वाले विभिन्न विधियों के बारे में बताएंगे। 

Glucose उन कोशिकाओं के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है, जो मांसपेशियों और ऊतकों का निर्माण करती है। और साथ ही मस्तिष्क के लिए भी ये एक ऊर्जा स्रोत का भी काम करता है। 

मधुमेह मेलिटस को समझना-

मधुमेह mellitus के इलाज के बारे में जानने से पहले हम मधुमेह मेलिटस के बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं। यह बीमारी तक होती है जब शरीर में उचित मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है या फिर हमारा शरीर उत्पादित इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला बहुत ही उपयोगी हार्मोन होता है, जो हमारे शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है। उचित इन्सुलिन के बिना हमारे रक्त में शुगर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे कि बहुत ही खतरनाक स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती है।  

टाइप 2, prediabetes, और गर्भावस्था डायबिटीज के लक्षण आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं लेकिन टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण आसानी से नजर आ जाते हैं, और ये डायबिटीज के लक्षण काफी गंभीर हो सकते हैं।  

संभावित रूप से prediabetes और गर्भकालीन डायबिटीज भी डायबिटीज का एक प्रकार होता है ,prediabetes में शरीर में रक्त का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है, लेकिन वो इतना भी ज्यादा नहीं होता है, कि हम उसे डायबिटीज समझे, इसका समय रहते पता लगाकर और अपनी दिनचर्या और खानपान में कुछ परिवर्तन करके इसका निदान किया जा सकता है।, गर्भकालीन डायबिटीज किसी माँ को तब हो सकता है जब वो प्रेग्नेंट हो, लेकिन शिशु के जन्म के साथ ही इस तरह का डायबिटीज सही हो जाता है। लेकिन फिर भी ऐसी औरतों में डायबिटीज का खतरा हमेशा बना हुआ रहता है, इसलिए इन्हें भी अपने खानपान और दिनचर्या में आवश्यक सुधार कर लेना चाहिए।   

सामान्य लक्षण- 

NIDDK (National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases) के अनुसार मधुमेह mellitus के मुख्य लक्षणों में बार-बार पेशाब का आना, अत्यधिक प्यास का लगना, थकान, धुंधला दिखाई देना, वजन का घटना, घाव का देरी से भरना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। पर ये जरुरी नहीं है कि ये लक्षण मधुमेह के ही हों, ये और भी किसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। अगर दो अलग-अलग प्रकार की जांच में रक्त शर्करा का स्तर 126 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (मिलीग्राम/डीएल) या फिर उससे अधिक हो तो मधुमेह का सूचक है। 

मौखिक ग्लूकोज सहनशीलता परीक्षण-

यह परीक्षण दिन के किसी भी समय खाने से पहले या खाने के बाद किया जाता है जो कि  रक्त में ग्लूकोस के स्तर को मापता है, इस  परीक्षण के अनुसार यदि आपका प्लाज़्मा ग्लूकोस का स्तर 200 मिलीग्राम/डीएल या इससे अधिक है, तो ये diebetes का संकेत है। इसके साथ ही मूत्र परिक्षण के द्वारा भी diebetes की पहचान की जा सकती है। 

परीक्षणों के आधार पर चिकित्सक डायबिटीज का सटीक निदान कर सकते हैं। 

अतिरिक्त मुद्दो पर विचार करना-

diabetes के सही निदान के लिए पारिवारिक इतिहास का भी पता होना चाहिए क्योंकि बहुत सी स्थितियों में diebetes का कारण अनुवांशिक भी हो सकता है।

 मधुमेह के कारण- 

मधुमेह का कोई एक कारण नहीं है बल्कि सीके बहुत से कारण है, जिन के बारे में हम आपको इस ब्लॉग में बताएंगे। 

आनुवंशिकी और पारिवारिक इतिहास- 

विभिन्न प्रकार की researches में ये पता चला है, कि जिन लोगों के परिवार में पहले भी लोगों को मधुमेह हो चुका है, उन लोगों में मधुमेह की संभावना साधारण लोगों से कई गुना तक बढ़ जाती है। ऐसे लोगों में Type 2 मधुमेह का काफी खतरा रहता है। जो कि इस बीमारी का सबसे साधारण रूप है। 

जीवनशैली कारक

आजकल की आराम पसंद लाइफ स्टाइल मधुमेह का एक बहुत बड़ा कारण है, पहले लोग हर काम पैदल या फिर cycle से करते थे यानि कि वो शारीरिक रूप से काफी गतिशील रहते थे। लेकिन आज लोगों को ज़रा-ज़रा सी दूरी में भी bike या कार की जरुरत होती है, पहले के समय में लोग घर से बाहर दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ घूमा करते थे खेलने जाया करते थे, रेगुलर exercise करते थे, outdoor games खेला करते थे, हर त्यौंहार बहुत ही उत्साह और जोश के साथ मनाते थे, लेकिन आज लोगो ने शारिक गतिविधियां काफी कम कर दी है, ज्यादातर लोग आज TV, mobile, mobile games में अपना समय निकाल देते हैं, ज्यादातर व्यक्ति आज शारीरिक activities से अपने आप को अलग करते जा रहे हैं। 

आज लोगों का खानपान काफी हद तक चेंज हो चुका है, एक समय था जब लोग अपने घर में बने पौष्टिक आहारों का अधिक सेवन करते थे, लेकिन समय के बदलने के साथ ही उन पौष्टिक आहारों की जगह फ़ास्ट फ़ूड ने ले ली, आज ज्यादातर लोगों को घर का भोजन पसंद नहीं आता है, बल्कि  उनको pizza, burger, cold drinks ज्यादा पसंद आती है। जिससे कि उनमें तेजी से मोटापा बढ़ रहा है, मोटापा मधमेह के सबसे महत्त्वपूर्ण कारणों में से एक है। यार आप खुद सोचो जब फ़ास्ट फ़ूड, इतना खतरनाक है, तो क्यों इसका इतना ज्यादा सेवन करते हों, 

क्या आपको पता है आप बाजार में जो समोसा, पकोड़े, और कचोरियाँ खाते हो, वो एक ही तेल में कितनी बार पकते हैं, कि एक ही तेल में कई बार समोसे, कचोरी, और पकोड़े तले जाते हैं, जिससे वो तेल गाढ़ा होता जाता है, जो कि शरीर के लिए बहुत घातक हो जाता है। 

मानसिक तनाव- 

ये अक्सर देखा गया है कि जिन लोगों में मानसिक तनाव ज्यादा होता है, वो सामान्यतः मधुमेह की चपेट में थोड़ा जल्दी आ जाते हैं, इसलिए हमेशा अपने आप को तनावों से मुक्त रखने की कोशिश करें। इसके लिए हमेशा ऐसे लोगों के साथ रहें जो खूब खुश रहते हैं, क्योंकि ऐसे लोगों के साथ रहकर आपको भी खुश रहने की प्रेरणा मिल सकती है। हमेशा अपने आप को busy रखने की कोशिश करें क्योंकि जब आप अपने आप को व्यस्त रखेंगे तो आपको फालतू सा सोचने का समय ही नहीं मिलेगा और आप अपने आप को काफी हद तक तनावमुक्त रख सकेंगे। 

मोटापा- 

मोटापा Type 2 डायबिटीज का बहुत ही महत्त्वपूर्ण कारण है, हमारे शरीर की अतिरिक्त चर्बी विशेषकर, हमारे पेट के आसपास की चर्बी इन्सुलिन के प्रतिरोध को बढ़ाती है, इसमें मांसपेशियां, यकृत, और वसा कोशिकाएं इन्सुलिन का सही तरह से उपयोग नहीं करती है।  जिससे शरीर में रक्त शर्करा प्रभावी तरीके से नियंत्रित होने में परेशानी आती है, इसलिए हमने कहा है कि अगर इस बीमारी से बचना चाहते हैं तो ज्यादा से ज्यादा शारीरिक गतिविधियों में भाग लें और संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें। ये diabetes से लड़ने का एक प्रभावी हथियार है। इसके साथ ही खूब पानी पीने की आदत डालें ताकि शरीर के अपशिष्ट पदार्थ, मूत्र, पसीने के साथ बाहर निकलें। 

टाइप 2 डायबिटीज सामान्यतः 40 साल से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा होता है, लेकिन आजकल धीरे-धीरे बच्चे भी इसका शिकार होते जा रहे हैं।  

इन्सुलिन प्रतिरोध-

इन्सुलिन प्रतिरोध तब होता है, जब शरीर की कोशिकाएं इन्सुलिन के प्रभाव के प्रति प्रतिरोधी के रूप में काम करने लगती है, इन्सुलिन हमारे शरीर की जरुरत है और ज़रा सोचिये हमारे शरीर की कोशिकाएं ही उसके प्रभाव के प्रति प्रतिरोधी की भूमिका निभा रही है, यानी कि हमारे अपने players ही अपनी ही टीम को पराजित करने की कोशिश कर रहे हैं। और यह स्थिति अक्सर type 2 डायबिटीज के विकास के पहले देखी जाती है। इसके कारण हम पहले ही आपको ऊपर बता चुके हैं।   

ऑटोइम्यून कारक-

Type 1 मधुमेह बचपन या किशोरावस्था में विकसित होने वाला मधुमेह है। यह एक autoimmune बीमारी है, जिसमें अपने ही शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय में इंसुलिन पैदा करने वाली बीटा कोशिकाओं को गलती से नष्ट कर देती है, लेकिन अभी इन ऑटोइम्यून कारणों का सटीक कारण पता नहीं चल पाया है। लेकिन ऐसा माना जाता है, इसके  आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारक मुख्य रूप से उत्तरदायी है।  

निष्कर्ष-

मधुमेह के बहुत सारे कारण है, जैसे खराब जीवन शैली, stress, आनुवंशिक और पर्यावरणीय इत्यादि। इसलिए अपने परिवार के मधुमेह के इतिहास को पहचानने की कोशिश करें, अपने आपको ज्यादा से ज्यादा गतिशील रखें, भरपूर नींद लेकर और व्यस्त रखकर तनावों से मुक्त रहें, काम से कम फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करें और ज्यादा से ज्यादा घर में बने पौष्टिक भोजन का सेवन करें, अपने वजन को बढ़ने ना दें, खूब पानी पीने की आदत डालें। ये बहुत प्रभावी उपाय हैं, diabetes से बचने के लिए। 

डायबिटीज कब होता है? 

जब ग्लूकोस आपके रक्त प्रवाह में होता है तो उसे अंतिम स्थान तक पहुँचने के लिए एक स्रोत की जरुरत होती है और इन्सुलिन इसके लिए वो स्रोत है,  अग्न्याशय सही तरह से इन्सुलिन को नहीं बना पा रहा है, या फिर शरीर इसका सही तरह से उपयोग नहीं कर पा रहा है तो ग्लूकोज़ रक्त में जमा होता चला जाता है जिसे डायबिटीज कहते है। 

Does sugar cause diabetes?

शुगर सीधे तौर पर डायबिटीज का कारण नहीं है, लेकिन अगर आपका वजन ज्यादा है तो ये भी डायबिटीज का एक कारण बन सकता है, क्योंकि अगर आप आवश्यकता से अधिक कैलोरी का सेवन करते हैं तो आपका वजन बढ़ने लगता है और वजन का बढ़ना डायबिटीज का एक कारण है। 

Can diabetes be cured?

 मधुमेह का अभी तक कोई सटीक इलाज मौजूद नहीं है, लेकिन सही तरह के उपचार और दिनचर्या से इसके लक्षण दूर हो जाते हैं और व्यक्ति एक सामान्य जीवन जी सकते हैं। फिर भी वैज्ञानिक इस दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन according to  to NCBI (National Center of Biotechnology Information) आहार प्रतिबंध और बेरिएट्रिक सर्जरी के अध्ययनों से प्राप्त साक्ष्य से पता चलता है कि मधुमेह को प्रभावी ढंग से ठीक करने के लिए चयापचय को रीसेट करना संभव हो सकता है, और फार्माकोलॉजिकल एजेंटों पर शोध जो ऊर्जा संतुलन को चुनिंदा रूप से बहाल कर सकता है, वर्तमान में टाइप 2 वाले लोगों के लिए भविष्य के उपचार के लिए सबसे रोमांचक संभावना है। 

Which food is not good for diabetes?

भोजन में मुख्य रूप से कार्बोहायड्रेट के तीन स्रोत होते हैं, शुगर, स्टार्च, और फाइबर। मधुमेह के रोगी को शुगर और स्टार्च से मुक्त भोजन करना चाहिए, लेकिन अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा फाइबर का इस्तेमाल करना चाहिए। 

Is diabetes serious?

According to WHO मधुमेह आँखों, गुर्दों, ह्रदय से सम्बंधित बीमारियों का कारण बन सकता है, साधारण लोगों की तुलना में मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति में दिल, स्ट्रोक, और गुर्दे की बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। इसके अतिरिक्त मधुमेह के कारण आँखों की रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है, जिसके कारण दृष्टि हानि का खतरा बना रहता है।

How to reduce blood sugar?

रेगुलर Exercise, ज्यादा से ज्यादा फाइबर फ़ूड का सेवन, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, तनाव को नियंत्रण करने , भोजन में ज्यादा से ज्यादा क्रोमियम, और मैग्नेशियम का सेवन करने से शुगर को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं।

क्या मधुमेह वाले रोगी भी चावल खा सकते हैं?

मधुमेह वाले रोगी भी चावल खा  सकते हैं, लेकिन उन्हें थोड़ा कम मात्रा में  चावल खाना चाहिये। ध्यान रहे एक कप चावल में करीब 45 ग्राम कार्ब्स होता है, इसलिए कोशिश करें कि अपने भजन में विभिन्न प्रकार के चावलों को शामिल करें। 

क्या सेब मधुमेह में एक अच्छा आहार है? 

सेब मधुमेह के लिए एक बहुत बढ़िया आहार है, एप्पल में पाया जाने वाला फाइबर रक्त शर्करा, के स्तर को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है, ग्लूकोज़ की तुलना में फ्रुक्टोज़ रक्त में इन्सुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में अधिक फायदेमंद है।


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