इन्वेस्टमेंट करना आज हर किसी के लिए एक बहुत ही बड़ी जरूरत बन चुका है क्योंकि इन्वेस्टमेंट से सुरक्षा और मुनाफा दोनों मिलता है, वैसे तो इंवेस्टमेंट्स का बहुत लम्बा दायरा होता है, पर profit और सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से 3 तरीके के इन्वेस्टमेंट लोगों में बहुत ज्यादा प्रचलित हो हैं 1. शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट, 2. म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट और 3. प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट। आज हम बात करेंगे एक चौथे तरीके के इन्वेस्टमेंट की, जिसे आमतौर पर बहुत कम लोग जानते हैं और वह होता है हेज फंड इन्वेस्टमेंट। लेकिन Hedge fund investment को जानने से पहले आपको हम इन तीनों इन्वेस्टमेन्ट्स जो अभी हमने ऊपर आपको बताए है, उनके बारे में आपको बताएंगे कि उनके क्या फायदे होते हैं और क्या नुकसान होते हैं। क्योंकि इन्वेस्टमेंट करने से पहले आपको हर चीज की प्रॉपर नॉलेज होनी चाहिए।
अब अगर हम बात करें शेयर मार्केट की तो शेयर market में बहुत सारे लोग इन्वेस्टमेंट करते हैं लेकिन शेयर मार्केट का एक ड्रॉबैक यह है कि इसमें मुनाफे भी काफी अच्छे होते हैं और घाटे भी काफी बड़े होते हैं यानी कि आज जो शेयर मान लीजिए $20 पर चल रहा है और आपने सोचा कि यह कल $50 पर पहुंच जाएगा और आपके $20 पर उस शेयर को खरीदने के बाद उस शेयर के दाम केवल $5 रह गए तो आपको इसमें $15 का घाटा हो गया और मान लीजिए कोई शेयर $20 का है और आपने सोचा कि इसमें आपको $50 मिल सकता है और और आपके $20 पर उस शेयर को खरीदने के बाद अचानक से उसके भाव $80 पर पहुंच गए तो आपको उसमें करीब $60 का फायदा हो गया तो शेयर मार्केट में घाटा भी काफी बड़ा हो सकता है और मुनाफा भी काफी बड़ा हो सकता है इसलिए बहुत से लोग इंवेस्टमेंट्स के लिए पहला preference शेयर मार्केट को देते हैं।
सबसे पहले हम बात करते हैं शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट की जिसमें सबसे ज्यादा लोग इन्वेस्टमेंट करते हैं और शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने से पहले आपको शेयर मार्केट की पूरी नॉलेज होनी चाहिए क्योंकि इसमें रिस्क भी आपका होता है और प्रॉफिट भी आपका होता है।
इसमें आपको बहुत ही सोच समझकर इन्वेस्टमेंट करना होता है, इसलिए जल्दी बाजी में केवल मुनाफे के लिए कभी भी शेयर मार्केट में इन्वेस्ट ना करें। बल्कि इसमें investment करने से पहले सोचे समझे, Experts की राय जाने, और उसके बाद ही शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करें। यानी कि अगर आप शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं तो आपको शेयर मार्केट में बहुत ज्यादा इंवॉल्व होना पड़ेगा जिससे कि हो सकता है कि आपके दूसरे बिजनेस इफेक्टिव हो जाएं। और आप उन पर ज्यादा ध्यान ना दे पाए।
दोस्तों बिजनेस तो सभी इंपॉर्टेंट होते हैं इसलिए शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने के लिए अपने दूसरे इनकम sources को कभी भी छेड़ना नहीं चाहिए क्योंकि अधिकतर मामलों में आपके regular work से जो इनकम generate होती है, आप उसी में से कुछ पैसा आगे invest करते हैं। और अगर आपके दूसरे बिजनेस शेयर मार्केट के कारण इफेक्टिव हो जाएंगे तो हो सकता है वहां पर आपकी इनकम आपकी नेग्लिजेंसी के कारण गलत तरीके से इफेक्टिव हो जाए।
इसलिए शेयर market में इन्वेस्टमेंट के लिए कभी भी अपने रेगुलर इनकम सोर्स को छोड़ना नहीं चाहिए उसमें अपना proper involvement देते रहना चाहिए ताकि आपको वहां से इनकम जनरेट होती रहे और आप उसमें से कुछ इनकम आगे से आगे इन्वेस्ट करते रहें।
अगर आपके पास इन्वेस्टमेंट करने के लिए बहुत ज्यादा पैसा नहीं है और आप छोटे से शुरुआत करना चाहते हैं तो म्यूच्यूअल फंड आपके लिए काफी सही रहता है यह हमने देखा है म्यूचुअल फंड में आप एक छोटे से अमाउंट से भी अपने इन्वेस्टमेंट प्रोसेस को आगे बढ़ा सकते हैं लेकिन म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट छोटे होते हैं तो प्रॉफिट भी बहुत छोटे होते हैं। म्यूचल फंड इन्वेस्टमेंट का दायरा बहुत ही सीमित होता है यानी कि आपकी मनी को आगे बहुत सीमित क्षेत्रों में ही म्यूचल फंड इन्वेस्टमेंट के थ्रू आगे investment किया जा सकता है और जब सीमित क्षेत्रों में आपके पैसे को इन्वेस्टमेंट किया जाता है तो उसके मुनाफे भी सीमित ही मिलते हैं आप बहुत ज्यादा मुनाफा नहीं कमा सकते हैं तो म्यूच्यूअल फंड का सबसे बड़ा Draw back यही होता है कि आप म्यूच्यूअल फंड से बहुत ज्यादा रिटर्न्स जनरेट नहीं कर सकते हैं।
तीसरे तरीके का इन्वेस्टमेंट होता है प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट यानी कि प्रॉफिट कमाने के लिए किसी प्रॉपर्टी में निवेश करना, मान लीजिये आपने प्रॉफिट कमाने के लिए किसी प्रॉपर्टी में निवेश करा. लेकिन यह मुनाफा आपको कब मिलेगा इसका कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। हो सकता है कि आज प्रॉपर्टी के दाम बहुत अच्छे हो, तो आपको लगा कि प्रॉपर्टी मार्किट तेजी से ऊपर जाएगा और आपको इस प्रॉपर्टी को बेचने से काफी अच्छे दाम मिल जाएगे, जिसके कारण आपने कोई प्रॉपर्टी खरीदी और प्रॉपर्टी लेने के बाद ही प्रॉपर्टी के दाम गिर गए तो आप उसे उस समय नहीं बेच सकते हैं क्योंकि आपको उस समय वो कीमत नहीं मिलेगी जो आप चाहते हैं, आपको इसके लिए काफी wate करना पड़ सकता है, और हो सकता है आप उसमे साल भर में भी मुनाफा कमा लें, या फिर सही मुनाफा लेने के आपको सालों का wait करना पड़ जाए।
और अब हम बात करते हैं तीसरे तरीके के इन्वेस्टमेंट की जिसे हेज फंड इन्वेस्टमेंट कहते हैं, हेज फंड इन्वेस्टमेंट में इन्वेस्टमेंट का कोई निश्चित दायरा नहीं होता है बल्कि इसमें इन्वेस्टमेंट का दायरा असीमित होता है। यानि इसमें investment केवल कुछ सीमित जगहों पर ना करके कई जगहों पर किया जा सकता है, बस वो investment पूरी तरह से कानूनी होने चाहिए। इसमें हेज फंड एक्सपर्ट होते हैं, आप अपनी मनी को उनके थ्रू आगे इन्वेस्ट करते हैं और वह आपकी मनी को ऐसी किसी भी जगह पर इन्वेस्ट कर सकते हैं जहां पर आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। इनके इन्वेस्टमेंट की कोई लिमिटेशंस नहीं होती है। जिसके कारण यह किसी भी ऐसे सेक्टर में जहां पर इनको फंड में निवेश करने का अच्छा अवसर मिलता है और उनको लगता है कि वहां पर काफी अच्छा खासा मुनाफा कमाया जा सकता है वे वहां पर इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं यानी कि शेयर मार्केट, प्रॉपर्टी मार्केट, बिटकॉइन या कोई और दूसरे को coins या फिर और किसी भी जगह पर, जहाँ पर मुनाफे की काफी अच्छी संभावना हो।
इन हेज फंड मैनेजर्स को इन्वेस्टमेंट की काफी अच्छी नॉलेज होती है और वह अपनी नॉलेज के अकॉर्डिंग ही आपके फण्ड को एक फण्ड या सेक्टर से दूसरे fund या sector में स्विच करते रहते हैं ताकि मुनाफा और ज्यादा बढ़ता जाए।
लेकिन हेज फण्ड का draw back ये है कि हेज फंड इन्वेस्टमेंट बहुत बड़ी रकम से स्टार्ट होता है यानी कि आप छोटा इन्वेस्टमेंट इसमें नहीं कर सकते है लेकिन अगर हम इसके returns की बात करें तो इसमें प्रॉफिट भी काफी भी काफी अच्छे मिल सकते हैं। जो आपकी एक्सपेक्टेशन से बहुत ज्यादा भी हो सकता है, इसमें रिस्क कम होता है लेकिन मुनाफा ज्यादा होता है। इसमें रिस्क इसलिए भी कम होता है क्योंकि इसमें इन्वेस्टमेंट का कोई सीमित दायरा नहीं होने के कारण ये हेज फण्ड मैनेजर्स किसी एक जगह पर आपके फण्ड को इन्वेस्ट ना करके रिस्क को कम करने के लिए कई जगहों पर आपके फण्ड को इन्वेस्ट करते हैं। जिससे रिस्क काफी कम रह जाता है।
मान लीजिए किसी प्रॉपर्टी के दाम नीचे जा रहे हैं और हेज फण्ड मैनेजर्स को उसमें अच्छे अवसर नजर आ रहे हैं तो वो मैनेजर उस प्रॉपर्टी में भी निवेश कर सकता है। Gold में भी वे निवेश कर सकते हैं, बिटकॉइन में भी इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं यानी कि जहां पर भी उनको मुनाफा मिल सकता है वहां पर वे आपके fund को इन्वेस्ट कर सकते हैं यानी कि इसमें मुनाफे काफी तगड़ी हो सकते हैं।
इसमें सारा दारोमदार हेज फंड मैनेजर के ऊपर होता है अगर हेज फंड मैनेजर अच्छा है, उसका ट्रैक record सही है और वह ऑलरेडी इन्वेस्टर्स को काफी मुनाफे दे चुका है तो वह आपको भी काफी अच्छे मुनाफे दे सकता है उसमें घाटे की गुंजाइश बहुत कम रहती है बल्कि हम यह कहते हैं कि जो आपकी एक्सपेक्टेशन है, उस एक्सपेक्टेशन से भी ज्यादा मुनाफा हेचहेज फंड मैनेजर्स आपको दे सकते हैं लेकिन अगर आपने गलती से गलत हेज फंड managers का चुनाव करा, तो हो सकता है कि वहां पर आपको काफी घाटा हो जाए इसलिए हेज फंड मैनेजर्स का प्रीवियस रिकॉर्ड चेक करने के बाद ही उन पर भरोसा करें। हम नीचे एक है फंड मैनेजर का रेफरेंस दे रहे हैं आप उनके बारे में चेक करें अगर आपको अच्छा लगता है तो आप उनके through भी आगे इन्वेस्ट कर सकते हैं, तो आप हेज फण्ड में इन्वेस्टमेंट के लिए उन पर विचार कर सकते हैं।
