November 29, 2025

Benefits of Organic Food

जैविक भोजन का परिचय-

पिछले कुछ वर्षों में जैविक भोजन बहुत अधिक लोकप्रिय हो गया है, और इसका सबसे बड़ा कारण है कि आज लोग अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर काफी चिंतित रहते हैं, और ऐसे में जैविक भोजन किसी वरदान से कम नहीं है। क्योंकि इसका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बहुत ही सकारात्मक असर होता है। 

आज हमने ये लेख आपको जैविक भोजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर होने वाले लाभों से आपको अवगत कराने के लिए लिखा है, इसलिए ये लेख बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।  हम इस लेख में आपको कीटनाशक और रासायनिक खेती के  नुकसान और ऑर्गेनिक खेती के फायदों और उसके तरीकों के बारे में भी बताएंगे।   

इसके अतिरिक्त ही हम आपको पशु कल्याण की दिशा में जैविक खेती के फायदों से भी अवगत कराएंगे . अगर आप जैविक खेती के लाभों को जानेंगे तो हमें पूरा विश्वास है कि आप जैविक खेती से बने आहार को ही अपने भोजन में शामिल करेंगे। और जिसके उपयोग से आप अपने स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण को भी बेहतर बनाने में अपना पूरा योगदान दे पाएंगे।  

जैविक खेती का परिचय- 

जैविक खेती क्या है?

जैविक खेती एक नवीन शब्द है, जो कि  आजकल बहुत ज्यादा लोकप्रिय है, शायद आपने किसी किराने की दुकान या फिर आपने अपने किसी आसपास के व्यक्ति से जैविक खेती का नाम सुना हो, लेकिन आज  हम आपको इसका सही मतलब बताते हैं, दोस्तों जैविक खेती का मतलब कीटनाशकों, आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मुक्त खेती है। जैविक खेती में मुख्य रूप से प्राकृतिक तरीकों और प्रथाओं को अपनाया जाता है। जो कि पर्यावरण, स्वास्थ्य और पशुओं की भलाई के लिए बहुत उपयोगी है। 

1.2 जैविक भोजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जैविक खेती का जन्म कोई अभी से नहीं हुआ है, बल्कि जैविक खेती हमारी प्राचीन पद्धति पर आधारित खेती है, हमारे पूर्वज जैविक खेती पर आधारित खेती ही करते थे, लेकिन 20वीं शताब्दी तक आते-आते जैविक खेती का स्थान धीरे-धीरे रासायनिक खेती ने ले लिया, और यही वजह है कि आज लोगों का स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं, लेकिन अच्छी बात ये है कि आज लोग इसकी गंभीरता को जानते हुए धीरे-धीरे वापिस से जैविक खेती की और लौट रहे हैं। 2. जैविक भोजन के स्वास्थ्य लाभ

2.1 कीटनाशकों और रसायनों के संपर्क में कमी 

हो सकता है कि आप जो आपने फल और सब्जी खाई है वो वास्तव में कई तरह के रासायनिक पदार्थों का kocktail है, लेकिन अगर आप जैविक खेती से बना भोजन कर रहे हैं तो आप हानिकारक रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आने से बच सकते हैं। 

उच्च पोषक स्तर-

अगर हम पोषक तत्त्वों की बात करें तो जैविक रूप से उत्पन्न भोजन में हर प्रकार के पोषक तत्त्व जैसे आवश्यक मिनरल्स, प्रोटीन, विटामिन्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर करके, रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाने में हमारी मदद करके हमें पूरे दिन ऊर्जावान बनाये रखते हैं। इनमें रासायनिक खेती से उत्पन्न भोजन से कई गुना ज्यादा पोषक तत्त्व होते हैं। इसलिए यदि आप उच्च गुणवत्ता वाला भोजन करना चाहते हैं तो आज से ही ऑर्गनिक भोजन करना चालू कर दें। 

2.3  बढ़ी हुई एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा- 

एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर को खतरनाक मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में हमारी रक्षा करता है। और जैविक खेती में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा रासायनिक खेती से बहुत ज्यादा होती है। इसका मतलब ये है कि जैविक खेती का चयन करके आप अपने शरीर को खतरनाक मुक्तकणों से बचाकर अपने और अधिक स्वस्थ रख सकते हैं, अपने शरीर को ह्रदय रोग,कैंसर, और न्यूरो जेनेरेटिव विकारों जैसी खतरनाक बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।  

3. जैविक भोजन के पर्यावरणीय लाभ-

3.1 मृदा संरक्षण और बेहतर मृदा गुणवत्ता-

जैविक खेती मृदा के सरंक्षण में भी अपनी अहम भूमिका निभाती है, यह मृदा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर मृदा को और अधिक उपजाऊ बनाने में किसानों की मदद करती है। फलस्वरूप उपज बढ़ने के साथ ही मृदा के कटाव को रोकने में मदद मिलती है।  जैविक खेती करके प्रत्यक्ष रूप से आप अपनी उपज को तो बढ़ाते ही हैं, साथ में पर्यावरण की भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं। 

3.2 जल संरक्षण बढ़ने के साथ ही जल प्रदूषण में कमी-

जैविक खेती जल संरक्षण को बढ़ावा देती हैं क्योंकि जैविक खेती में कम पानी की जरुरत होती है, जैविक खेती में जैविक किसान पानी को बचाने के लिए मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी पद्धतियों को काम में लेते हैं, इसके साथ ही क्योंकि जैविक खेती में सिंथेटिक कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता है तो इससे जल प्रदुषण का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिए जैविक खेती करके आप हमारे जल स्त्रोतों को भी प्रदुषण से बचा सकते हैं।  

3.3 जैव विविधता संरक्षण

4.2 जैविक खेती में प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है, ओमेगा 3 फैटी एसिड स्वस्थ वसा का superhero की तरह है, ओमेगा 3 फैटी एसिड ह्रदय के स्वस्थ बनाये रखने के साथ ही, कई तरह की खतरनाक बीमारियों से बचाता है, ये ह्रदय रोग से लेकर शरीर में सूजन तक को भी कम करने में अपनी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए ओमेगा 3 फैटी एसिड की दृष्टि से भी जैविक खेती से उत्पन्न भोजन काफी फायदेमंद है। 

4.3 भारी धातुओं का निचला स्तर-

हममें से कोई भी आज अपने भोजन में बारी धातुओं जैसे कैडमियम, सीसा और पारा जैसी धातुओं का सेवन नहीं करना चाहेगा। रिसर्च ये साबित हो चुका है कि जैविक खेती में रासायनिक खेती की तुलना में ये हानिकारक धातु काफी कम मात्रा में होते हैं, इसलिए जैविक खेती से निर्मित आपके लिए ज्यादा फायदेमंद है। 

5. कीटनाशक-मुक्त और रसायन-मुक्त खेती के तरीके-

जैविक खेती को कीटनाशक और रसायन मुक्त  कहा जाता है, क्योंकि ये प्राकृतिक चीजों के इस्तेमाल से की जाने वाली खेती है। इसका मतलब ये हुआ कि  ये खेती सिंथेटिक कीटनाशकों, शाकनाशी या उर्वरकों के उपयोग के बिना की जाती है। जैविक खेती में कीटों पर नियंत्रण और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक तरीके अपनाते हैं। जिसके कारण भोजन काफी हद तक सुरक्षित,और अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक हो जाता है। 

5.1 जैविक कीट प्रबंधन तकनीकें-

जैविक खेती में जैविक किसान कीटों पर नियंत्रण पाने के लिए ladybugs और दूसरे तरीके के ऐसे कीड़े जो कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों का भक्षण करते हैं, उनका उपयोग करते हैं। इसके अलावा जैविक किसान खेत को कीटों से बचाने के लिए जाल या पंक्ति कवर जैसी उपयोगी पद्धतियों का इस्तेमाल करते हैं। 

5.2 प्राकृतिक उर्वरक और खाद-

जैविक किसान पौधों के पोषण के लिए प्राकृतिक उर्वरकों जैसे कम्पोस्ट पशु खाद, हड्डी का भोजन, और समुद्री शैवाल के अर्क जैसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति को रासायनिक खेती की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ाते है। और इनके उपयोग से हमारे स्वास्थ्य पर कोई भी बुरा असर नहीं होता है। इस तरीके की खाद से मिट्टी की गुणवत्ता और भूमि की नमी में वृद्धि के साथ ही मिट्टी के कटाव में कमी आती है। जिससे एक स्वस्थ और अधिक टिकाऊ खेती में मदद मिलती है।

 5.3 फसल चक्र और जैविक नियंत्रण

जैविक खेती में कीटों से अपनी फसल को बचाने के लिए जैविक किसान फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए एक विशिष्ट क्रम में लगाते हैं, जिसे फसल चक्रण कहते हैं। इस प्राकृतिक विधि से कीटों का जीवन चक्र बाधित हो जाता है, और साथ ही मिट्टी से होने वाली बीमारियां भी कम होती है, और मिट्टी की उर्वरा क्षमता भी बढती है। इसके अतिरिक्त जैविक किसान पक्षियों और उपयोगी कीटों का इस्तेमाल खेतों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए करते हैं। यह नुकसानदायक कीटों को नष्ट करने में एक प्राकृतिक तंत्र बनाने का एक सरल उपाय है। इस तरह से आप भी सिंथेटिक रसायनों का इस्तेमाल बंद करके इन प्राकृतिक तरीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करके सुरक्षित और स्वस्थ खेती कर सकते हैं।  

6. स्थानीय और सतत कृषि का समर्थन करना-

जैवकीक खेती आपके स्वास्थ्य के लिए ही बेहतर नहीं है, बल्कि ये पर्यावरण के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर और टिकाऊ कृषि है। 

6.1 स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाना

स्थानीय जैविक किसानों से अगर आप जैविक भोजन खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्तिथि अच्छी होगी। उनके समुदाय में नौकरियां और आजीविकाएं भी बढ़ेंगी। इसलिए स्थानीय अर्थव्यस्था को मजबूत करने के लिए जैविक खेती एक उपयोगी हथियार है। क्योंकि इनमें रासायनिक खादों और सिंथेटिक कीटनाशकों पर पैसा खर्च करने की कोई जरुरत नहीं होती है, बल्कि ये घरेलू उपयोग में आने वाली और प्राकृतिक चीजों पर आधारित होती है।  

6.2 कार्बन पदचिह्न को कम करना

रासायनिक खेती कार्बन footprint के लिए भी जिम्मेदार है,  क्योंकि रासायनिक खाद और कीटनाशकों को लाने ले जाने में परिवहन साधनों का उपयोग किया जाता है, जिससे कि कार्बन उत्सर्जन होता है जो वातावरण के लिए सही नहीं होता है। जबकि जैविक खेती में ज्यादातर प्राकृतिक साधनों का उपयोग किया जाता है, जो किसानों के पास पहले से मौजूद रहती है। यानी कि उनको वो चीजें खरीदने के लिए किसी दूकान पर नहीं जाना पड़ता है। 

6.3 खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना

जैविक खेती से खाद्य सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलता है। क्योंकि जैविक खेती से धीरे-धीरे जमीन की उर्वरा क्षमता बढ़ती चली जाती है, जिससे कि पैदावार में वृद्धि होती चली जाती है, और छोटे स्तर पर खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है, जिससे कि औद्योगिक कृषि पर निर्भरता कम होती है।  

8. निष्कर्ष: जैविक भोजन क्यों चुनें

आप अपने भोजन में जैविक भोजन को ही शामिल करें। ये कीटनाशक मुक्त और रसायन मुक्त होने के कारण हमारे शरीर के लिए काफी सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक है, इससे अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है, स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण होता है, कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, पैदावार बढ़ती है, खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है, इसकी मांग तेजी से बढ़ने के साथ ही जैविक खेती करने वाले किसानों की आय भी तेजी से बढ़ रही है, इससे पशुओं का और बेहतर संवर्धन होता है, जैविक भोजन स्वाद में भी बहुत स्वादिष्ट होता है। इसलिए अगर आप अच्छे सेहत के साथ ही एक स्वादिष्ट भोजन करना चाहते हैं तो जैविक भोजन का सेवन करें।   

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