हमारे आर्टिकल्स ने सैकड़ों विशेषज्ञों को अपना परामर्श और कोचिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया है एक स्वतंत्र व्यापार सलाहकार बनने के लिए आपको जो सबसे ज्यादा जानने की जरुरत है, वह है कि आप किसके साथ काम करने जा रहे हैं, आपके दर्शक कौन है, और वे क्या चाहते हैं।
आपको यह जानने की जरूरत है कि आप किन की मदद करना चाह रहे हैं। आपको अपने लक्षित ग्राहक तक पहुंच कर उनसे बात करने की देरी है।और इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा ज्ञान और विशेषज्ञता हासिल करनी होगी, यानी कि आपको उन चीजों की नॉलेज लेनी होगी, जिनकी जरूरत आपके संभावित ग्राहकों के लिए जरूरी है। और मूल रूप से अंदर जाकर उनकी मदद करना आपका पहला काम है और इसका फायदा यह होगा कि आपके ग्राहक बहुत तेजी से बढ़ते चले जाएंगे।
अगर आप एक बिजनेस कंसलटेंट बनना चाहते हैं तो इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि पैसा हमेशा विशेषज्ञ कमाता है ना कि साधारण ज्ञान वाला व्यक्ति। जिसकी नॉलेज बिल्कुल सामान्य होती है वह ज्यादा ग्राहक नहीं जोड़ पाता है और ज्यादा पैसा भी नहीं कमा पाता है। अगली बात जो आपको जानने की है वह यह है कि सामने वाले को सेटिस्फाई करने के लिए आपको कौनसी समस्या आ रही है और उस समस्या का क्या हल है, यह जानने की। आपको हमेशा समस्याओं का हल तलाशने की आदत होनी चाहिए।
हमने देखा है कि संभावित ग्राहक की हमेशा समस्याएं लगभग समान रहती है एक अच्छे बिजनेस कंसलटेंट का काम होता है कि वह उन समस्याओं का हल करने में पारंगत हो जाए और जैसे-जैसे आप उन समस्याओं का हल करने में पारंगत होते जाएंगे आपके ग्राहक आपसे सेटिस्फाई होते जाएंगे और आपको और क्लाइंट मिलते जाएंगे आपको केवल अपनी नॉलेज को बढ़ाते रहना है और अपने ग्राहकों की समस्याओं को हल करने की ओर ध्यान देना है।
आपको यह जान लेना चाहिए कि सभी ग्राहक एक जैसे ही होते हैं इसलिए आप मूल रूप से सबके साथ एक ही ऑफर के साथ काम कर सकते हैं।
ये मानकर चलिए कि आप जिन लोगों के साथ भी काम करना चाहते हैं उनके पास अपनी एक समस्या है जिसको वह हल करना चाहते हैं उसको हल करने के लिए वे किसी ना किसी को ढूंढ रहे होते हैं और अगर आपने उनकी उस समस्या का हल कर दिया तो वह आगे जाकर आपके बहुत ही अच्छे ग्राहक बन सकते हैं, वे वास्तव में आप को ढूंढ रहे होते हैं कि एक अच्छा विशेषज्ञ मिल जाए जो उनकी समस्या को हल करने में उनकी मदद कर सके। इसलिए ये मानकर चलिए कि प्रत्येक business को आपकी जरुरत है।
अपना स्वतंत्र व्यवसाय चालू करने के लिए तीसरा चरण यह है कि आप अपना एक प्रस्ताव तैयार करें। और वो प्रस्ताव सभी ग्राहकों के लिए लगभग समान ही होना चाहिए और ऐसा होना चाहिए कि जो आप के संभावित ग्राहकों को आपकी ओर खींचकर लाने में आपकी मदद कर सके और इसके लिए शुरू में आपको काफी मेहनत करनी पड़ेगी।
और जब आप एक अच्छे प्रस्ताव के साथ अपने संभावित ग्राहकों से मिलेंगे तो भले ही वह आपको बिजनेस ना दें लेकिन आपकी काफी अच्छी मार्केटिंग हो जाएगी और आपको धीरे-धीरे रेफरल मिलने चालू हो जाएंगे क्योंकि हर कोई बिजनेस कंसलटेंट ऑफर लेकर नहीं चलता है आपके पास अपना एक अच्छा ऑफर है और आपके पास काफी अच्छी नॉलेज है तो आपका आत्म विश्वास भी काफी बढ़ जाएगा और धीरे-धीरे आपको रेफरेंस के through भी काफी ग्राहकों के मिलने की उम्मीदें बढ़ जाएगी।
आप कभी भी किसी भी क्लाइंट से यह सोच कर नहीं मिले कि आपको उनसे बिजनेस चाहिए बल्कि आपको यह विश्वास होना चाहिए कि उनको मदद की जरुरत है और आप उनकी मदद करने जा रहे हैं और जब आप ऐसा सोच कर उनसे मिलेंगे तो निश्चित रूप से आप उनके सामने अपना प्रभाव जमा पाएंगे और काफी हद तक आपको बिजनेस मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी।
आपको पता करना है कि आपके ग्राहक की मुख्य समस्या क्या है और उस समस्या का 10% तक आप उससे चार्ज करें मान लीजिए कि किसी ग्राहक की समस्या वित्त और लेखा से संबंधित है और अगर उसे उस समस्या का समाधान मिल जाए तो वह Rs. 100000 तक साल भर का बचा सकता है तो आप उसकी समस्या का हल करके 10% उससे प्राप्त करने का लक्ष्य बनाएं, अपनी कीमत को कभी भी इतना कम मत रखिए कि कोई आपको छोटा-मोटा कंसलटेंट समझे और ना ही अपनी कीमत इतनी ज्यादा रखिये कि वो लोगों को बहुत ज्यादा लगे और वो आपको ignore करना चालू कर दें।
अगर आप इस तरीके के करीब 4 ग्राहक हर महीने ढूंढ लेंगे तो Rs. 40,000 तक आप हर महीने कमा सकेंगे और इन तीन ग्राहकों तक पहुंचने के लिए आपको काफी सारी मीटिंग्स अरेंज करनी होगी और जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे आपको अच्छे ग्राहक मिलते चले जाएंगे। बस आपको लगातार नए क्लाइंट को ढूंढते रहना है और जब आप लगातार ऐसा करते जाएंगे तो एक समय एक समय ऐसा आएगा जब क्लाइंट आगे चलकर आपके पास आने लगेंगे क्योंकि अगर आप समस्याओं का सही तरीके से हल करने लगेंगे तो लोग आपको जानने लगेंगे और आपको रेफरेंसेस के थ्रू भी काफी सारे क्लाइंट आसानी से मिलने शुरू हो जाएंगे क्योंकि कोई भी व्यक्ति चाहता है कि उसकी समस्या का स्थाई समाधान हो सके और जब उसको यह यकीन हो जाएगा कि आप स्थाई समस्या का समाधान करने में पारंगत है तो वह आपके साथ काम करना पसंद करेगा। और वो और लोगों को भी आपके बारे में बता सकता है।
हम यह नहीं कह रहे हैं कि आप हमेशा ऐसा ही क्लाइंट ढूंढें जिसकी समस्या बड़ी हो हम केवल आपको यह समझा रहे हैं कि आप जिस भी क्लाइंट की समस्या को हल करें उसका यह अनुमान लगा ले कि वह कितना पैसा आपकी कंसल्टेंसी से बचा सकता है और जितना पैसा वह आपकी मदद से बचा सकता है आप उसका 10% तक चार्ज करें, आपको हर तरीके का क्लाइंट के साथ काम करना है, चाहे वह बड़ा हो या छोटा। बड़े clients को ढूंढने के चक्कर में आपको छोटे क्लाइंट को बिल्कुल भी नजर-अंदाज नहीं करना चाहिए, हो सकता है कि आज जो एक छोटा क्लाइंट है वही कल आपको बड़ा बिजनेस दे दे। आपको अपने हर क्लाइंट को समान वैल्यू देनी होगी, किसी को भी कम नहीं समझना है। क्योंकि बाजार हो या समाज हर आदमी अपनी समान respect चाहता है। कभी भी बहुत ज्यादा लालच नहीं करना है क्योंकि अगर आप लालच के चक्कर में अपनी price को बार-बार बढ़ाते जाएंगे तो हो सकता है कि आपके client आपका alternate ढूंढना चालू कर दें।
हमेशा ग्राहक की समस्या का पता लगाने में पारंगत बने और आपको सामने वाले को यह अनुभव कराना होगा कि आप किस तरीके से उसकी समस्या को हल कर सकते हैं और उसे आपसे किस तरीके से फायदा हो सकता है और जब वह यह जान जाएगा कि आप उसके लिए फायदेमंद साबित होंगे तो वह निश्चित रूप से आपके साथ काम करने की सोचेगा।
कभी भी किसी ग्राहक को आपको बिजनेस देने के लिए ना कहें बल्कि उसको खुद एहसास होने दें कि आप उसके लिए कितने फायदेमंद हो सकते हैं क्योंकि अगर आप उससे बिजनेस मांगने की कोशिश करेंगे तो वह यह सोच सकता है कि आपको उसकी जरूरत है जबकि हमेशा इस बात का एहसास कराने की कोशिश करें कि सामने वाले को आपकी जरूरत है और जब उसे इस बात का पता चल जाएगा तो निश्चित रूप से वह आपके साथ काम करेगा और आपको एक नया client मिल जाएगा।
हम यह नहीं कह रहे हैं कि आप शुरू में ही लोगों से काफी अच्छा चार्ज वसूल करना स्टार्ट कर दें, आप शुरू में जब कंसल्टेंसी के बिजनेस में नए होते हैं तो आप कुछ कम पैसों में भी काम कर सकते हैं क्योंकि उस समय आपको अपने बिजनेस को जमाना होता है। अपनी प्राइस को बढ़ाने के लिये आपको अपनी नॉलेज को लगातार बढाते रहना है और जब आपको लगे कि अब आप लोगों की समस्याओं का स्थाई समाधान करने में पारंगत हो चुके हैं और आपको काफी एक्सपीरियंस हो गया है तो आप अपने चार्जेस को 10% पर ले आएं।
हमने देखा है कि 10% वाला सिस्टम हर बार कारगर नहीं होता है क्योंकि कई बार ग्राहक की समस्या बहुत ही छोटी होती है, तो हमने पहले यह भी कहा है कि कभी भी किसी ग्राहक को छोड़ना नहीं है, ऐसे ग्राहकों के लिए आप कोई स्थाई शुल्क रख सकते हैं, जिसे वह आसानी से pay कर सके और जिससे आप अपना मुनाफा बना ले।
हमने देखा है कि कभी-कभार कुछ companies या व्यक्ति जो शुरू में आपके ग्राहक नहीं होते हैं, वह आपसे बार-बार मीटिंग करते रहते हैं और आपसे उनकी समस्याओं के हल करने के बारे में पूछते रहते हैं और कई बार ऐसे ग्राहकों से कुछ consultants परेशान हो जाते हैं, जबकि आपको यह समझना चाहिए कि वह यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आप उनकी समस्याओं का हल कर सकते हैं या नहीं, इसलिए कभी भी ऐसे लोगों से इरिटेट नहीं होना चाहिए बल्कि यह लोग कई बार बहुत प्रॉफिटेबल साबित होते हैं, जब वह देखते हैं की आप उनके साथ हमेशा खुश मिजाज रहते हैं और उनके द्वारा अपनी समस्याओं का हल पूछने पर कभी भी इरिटेट नहीं होते हैं, तो वे आगे चलकर आपको बिज़नेस देना चालू कर देते हैं और काफी हद तक वह आपके स्थाई ग्राहक बन जाते हैं और सालों साल तक वह आपके साथ काम करना पसंद करते हैं।
लेकिन कभी भी किसी की समस्या का पूरा हल उसे मत बताइए क्योंकि उसकी समस्या को हल करना आपका काम है अगर आप उसका पूरा हल उसे यों ही बता देंगे तो काफी chances है कि वो आपकी information का फायदा उठाकर खुद ही अपनी समस्या का हल करने लग जाये और ऐसे लोग या companies कई बार खुद तो अपनी समस्या का पूरा हल नहीं कर पाते हैं बल्कि आपकी knowledge पर भी सवाल उठाते हैं। जिससे हो सकता है कि एक अच्छा ग्राहक आपसे हमेशा के लिए दूर हो जाए। इसलिए समस्या का हल करना आपका काम है, business meetings में आपको केवल ये अहसास कराना होता है कि आप उनकी जैसी समस्याओं का हल करने में काफी expert हैं। और अगर कोई चाहता है कि आप उसे केवल राय दें कि उसे क्या करना चाहिए तो आप उस राय की fees जरूर लें लेकिन फीस लेने के बाद आप उसे जो राय दें वो बिल्कुल सही होनी चाहिए। तो इससे भी आप काफी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आपको हर काम की कीमत तय करनी होगी और फ्री में किसी के साथ काम नहीं करना है।
अगर आप बिजनेस कंसलटेंट है तो आपको लिंकडइन, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहना चाहिए और आपको वहां से भी ऐसे लोगों को ढूंढना चाहिए जिनकी समस्याओं को आप हल कर सकते हैं और अगर आप सही तरीके से उनको एप्रोच करेंगे तो वहां से आपको काफी अच्छे ग्राहक मिल सकते हैं।
आप कभी भी इन प्लैटफॉर्म्स पर किसी को भी आपको बिजनेस देने के लिए पिच या cold कॉल ना करें बल्कि इन plateforms पर कुछ अच्छी इंफॉर्मेशन डालते रहें, जो आपके nich से related हों और लोगों की जरुरत हों। आप लोगों से बातें करते रहें और नई से नई जानकारी उनको बताते रहें, अगर आप एक अच्छे कंसलटेंट हैं तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि लोग या companies किस तरीके की समस्याओं से जूझ रही हैं और यदि आप अपनी बातचीत में इस तरीके की सामग्री डालते जाएंगे जो कि उनकी समस्याओं का हल करने में काफी प्रभावी होंगी तो धीरे-धीरे ऐसे लोग आपसे जुड़ने लगेंगे। वह आपसे अपनी समस्याओं का हल पूछने लगेंगे और आप ऐसे लोगों को धीरे-धीरे करके अपना ग्राहक बना सकते हैं, बस इस चीज का ध्यान रखना है कि आपको कभी भी शुरू में किसी को आपको बिजनेस देने के लिए नहीं कहना है, अगर आप उन लोगों को business देने के लिए aproach करेंगे तो इससे उन लोगों को यह लगेगा कि आप केवल उनसे इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि आप उनसे बिजनेस चाहते हैं, इससे हो सकता है कि वे आपकी approach को केवल आपकी बिज़नेस marketing समझें और आपसे दूरी बना लें। इसलिए आपको केवल इन प्लेटफॉर्म्स पर इंफॉर्मेशन डालनी है, आर्टिकल लिखने हैं, जब वे आपके आर्टिकल्स को पढ़ेंगे, आप के कंटेंट को पढ़ेंगे, तो उनको समझ में आ जाएगा कि आपको अच्छी knowledge है और आप उनकी समस्याओं का हल कर सकते हैं, तो इससे बहुत ज्यादा chances बन जाएंगे कि वह आप से जुड़कर आपको बिजनेस देना शुरू कर दें।
