November 30, 2025

Angela Merkel Biography | One of the most successful lady of the world Angela Merkel

आज हम आपको एक ऐसी औरत के बारे में बताएंगे, जिन्हें उनका देश मां के रूप में मानता है और प्यार से मां कहकर पुकारता है।

और यह दुनिया की एकमात्र ऐसी औरत है जिनके कई कार्यकाल के बाद में भी उनकी अप्रूवल रेटिंग में कभी भी कमी नहीं आई। उनकी अप्रूवल रेटिंग हमेशा अच्छी रही। अप्रूवल रेटिंग का मतलब होता है उनके देश में उनके प्रति लोगों की स्वीकार्यता। 

यहां तक कि कोरोना काल में भी उनकी रेटिंग 50% रही। 

यह महिला उनके देश के पूर्व नेता ऑटो वॉन बिस्मार्क के बाद सबसे ज्यादा वक्त तक अपनी सेवाएं देने वाली नेता रही। 

वह उनके देश में 16 साल तक देश की चांसलर रही।

उनके प्रति लोगों की दीवानगी का आलम यह है कि उनकी पार्टी की लोकप्रियता उनके देश में कम होती जा रही है, लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई वो लगातार पहले की ही तरह बरकरार है। 

कोरोना काल में भी जिस अच्छी तरह से उन्होंने स्थिति को संभाला, उससे भी पूरी दुनिया में उनकी काफी सराहना हुई। 

जब इस महिला ने 2005 में अपने देश की कमान संभाली, उस समय उस देश की बेरोजगारी का आलम यह था कि वहां पर करीब 11.6% लोग बेरोजगार थे लेकिन आज 2021 में उस देश में बेरोजगारी घटकर केवल 5.6% रह गई है। 

दोस्तों यह सब सुनकर आप निश्चित रूप से यह जानना चाहते होंगे कि वह महिला कौन है तो दोस्तों हम बताते हैं वह महिला है जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल।  

Anjela मर्केल का जन्म 17 जुलाई 1954 हैम्बर्ग, पश्चिमी जर्मनी में हुआ था। 

इनके पिता Horst Kasner बर्लिन मूल के थे जो एक Lutharan पादरी थे और माता Harlind Kasner पोलिश मूल की थी। 

इनके बचपन का नाम एंजेला डोरोथी कैज़्नर था। 

इनके वर्तमान पति का नाम Joachim Sauer है, जो कि  जो कि एक Quantam Chemist हैं और मीडिया से काफी दूरी बनाकर रखते हैं। 

एंजेला मर्केल के एक छोटा भाई Marcus Kasner और एक छोटी बहन Irene Kasner है। 

एंजला मर्केल जर्मनी की पहली महिला चांसलर है। 

दोस्तों एंजेला मर्केल इतनी सादगी भरा जीवन जीती है कि इतनी प्रभावशाली होने के बाद भी उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में मेकअप आर्टिस्ट और कुक तक नहीं रखा। वह अपना खाना भी खुद अपने हाथ से बनाती हैं। 
 
दोस्तों एंजेला मर्केल को लो प्रोफाइल में रहना काफी पसंद है। 

वह 4 साल में केवल एक बार ठीक चुनाव से पहले मीडिया से विचार-विमर्श करती हैं और उसमें भी वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया को नहीं बुलाकर अपने स्थानीय मीडिया को बुलाना ज्यादा पसंद करती हैं क्योंकि उनको बहुत ज्यादा पब्लिसिटी की आदत नहीं है।
 
दोस्तों मर्केल को खाना बनाने का काफी शौक है और वह इतने बिजी शेड्यूल होने के बाद भी अपने खुद के हाथों से ही खाना पकाना पसंद करती हैं।

दोस्तों मर्केल की सादगी का आलम यह है कि वह अपने साथ हैंडबैग तक नहीं रखती हैं।

मर्केल इतना सीधा सादा जीवन जीती हैं कि मर्केल के पास बड़ी गाड़ी, बंगला और निजी जेट तक नहीं है, जैसा कि वहां के और नेताओं के पास है।

Forbes की सूची में वह करीब 10 बार दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिला रह चुकी हैं।  और Forbes की सूची में ही दुनिया के मोस्ट पावरफुल पर्सन में वह दो बार दूसरे नंबर पर रह चुकी हैं। 

द्वितीय विश्व युद्ध के समय जर्मनी दो हिस्सों में बट गया- पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी। और एंजेला मर्केल अपने परिवार के साथ पूर्वी जर्मनी चली गई जो कि सोवियत संघ के नियंत्रण में था लेकिन चोर-छिपे एंजेला मर्केल पश्चिमी जर्मनी के रेडियो सुनती थी। 

1977 में जब एंजेला 23 साल की थी और पढ़ रही थी तो उन्होंने अपने दोस्त Ulrich मर्केल से शादी कर ली। उनका मर्केल surname उन्हें Ulrich मर्केल से ही मिला है, हालांकि यह विवाह 1982 तक ही चला और उन्होंने 1982 में Ulrich से तलाक ले लिया। तलाक के बाद भी एंजेला मर्केल ने अपने surname को नहीं बदला। और वो अपने surname में मर्केल ही लगाती हैं। 

इसके बाद 30 दिसंबर 1998 को एंजेला मर्केल ने Joachim Sauer से विवाह कर लिया, जिनसे पहली बार उनकी मुलाकात 1981 में हुई थी।

एंजेला मर्केल की कोई संतान नहीं है, लेकिन Joachim Sauer की पूर्व पत्नी से दो संतानें हैं। 

एंजेला मर्केल ने अपना हाई स्कूल Templin Town पूर्वी जर्मनी से 1973 में पूरा किया और 1978 में उन्होंने कार्ल मार्क्स यूनिवर्सिटी से भौतिकी में ग्रेजुएशन कंप्लीट करा।

एंजेला मर्केल पहली बार 2005 में और चौथी बार 17 मार्च 2014 को जर्मनी की चांसलर बनी। 

यूरोपियन यूनियन में जर्मनी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है और इसका श्रेय भी काफी हद तक एंजेला मर्केल को ही जाता है। 

2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के समय यूरोपियन यूनियन पर काफी संकट के बादल मंडरा रहे थे और उस समय ग्रीस कर्ज में काफी डूब गया था और 2010 में वह कॉमन करेंसी और यूनियन से बाहर निकलने की कगार पर आ गया था, तब ऐसे समय मर्केल ने बेलआउट पैकेज की घोषणा की।

उनके फैसले यूरो जोन की करेंसी को बरकरार रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

2014 में रूसी सैनिकों ने यूक्रेन पर चढ़ाई की और क्रीमिया प्रायद्वीप को अपने कब्जे में ले लिया, तब मर्केल ने ईयू की अध्यक्षता की और उन्होंने नेताओं से बातचीत की और बातचीत के दौरान मर्केल ने रूस पर युद्ध विराम का दबाव बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप युद्धविराम हो सका।

2015 में सीरिया में गृह युद्ध के समय काफी सारे शरणार्थी यूरोप की ओर आने लगे, तब मर्केल ने करीब 10 लाख शरणार्थियों को जर्मनी में जगह दी।


रोचक बातें- 

Celebrity Networth के अनुसार जहां दुनिया के दूसरे नेताओं की net worth हजारों करोड़ों में है, वहीं एंजेला मर्केल की net worth मात्र ₹74 करोड़ है, जिसमें Angela का घर और गाड़ी भी शामिल है।  

एंजेला ब्रूसिया Brand की घड़ी पहनती है जो कि एक बहुत ही साधारण brand है और जिसकी कीमत ₹7000 से भी कम होती हैं। 

अगर राजनीतिक सफर की बात करें तो उनकी राजनीतिक जीवन की शुरुआत  1989 में बर्लिन की दीवार गिरने के बाद शुरू हुई। बर्लिन की दीवार गिरने के बाद Angela Christian Democratic Union में शामिल हो गयी। और CDU में शामिल होने के तुरंत बाद ही उन्हें Helmut Kohl के मंत्रिमंडल में महिलाओं और युवाओं के मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। और इसके बाद उन्होंने पर्यावरण और परमाणु सुरक्षा मंत्री के रूप में काम करा। 1998 में Kohl की आम चुनावों में भारी हार हुई। उस समय CDU के महासचिव के पद पर Angela Markel को चुना गया और इसके बाद Angela Markel को CDU का नेता चुन लिया गया और इसके बाद 2002 में वह Edmund Stoiber के लिए Chancellor के लिए CDU की उम्मीदवारी हार गयी। 

2005 के आम चुनावों में एंजेला ने मात्र तीन सीटों से तत्कालीन Chancellor Gehard Schoroder को हराया और CDU पार्टी के साथ Social Democrats (SPD) के गठबंधन समझौते से एंजेला को पहला महिला chancellor नियुक्त किया गया। और इसके बाद Angela Markel ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। और लगातार आगे बढ़ती चली गयी।  

Merkel को फुटबॉल मैच देखने का काफी शौक है। 

मर्केल की पसंदीदा फिल्म The Legend of Paul है, जो 1973 में release हुई एक पूर्वी German फिल्म है। 

Merkel को कुत्तों से काफी डर लगता है, इसका कारण 1995 में मर्केल पर कुत्तों के द्वारा किया जाने वाला हमला था। 

सम्मान- 

2007 में मर्केल को येरुशलम के हिब्रू विश्वविद्यालय ने doctorate की मानद उपाधि से सम्मानित करा। 

2008 में मर्केल को लीपज़िग विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित करा। 

एंजेला Markel को 23, मई 2013 में Radboud University Nijmegen ने डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित करा। 

इनके अलावा नवम्बर 2013 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ सेजेड ने मानद डॉक्टरेट, नवंबर 2014 में ब्रातिस्लावा की कोमेनियस यूनिवर्सिटी ने डॉक्टर ऑनोरिस कॉसा, सितम्बर 2015 में University of Bern ने Doctor Honoris Causa, जनवरी 2017 में उन्हें Ghent University and Katholieke University Leuven ने संयुक्त रूप से डॉक्टरेट की मानद उपाधियों से सम्मानित किया गया। 

मर्केल को और भी कई विश्विद्यालयों की मानद उपाधियाँ प्राप्त है जिनमें 2017 की University of Helsinki की Doctrix Honoris Causa, अक्टूबर 2020 में The Technion- Israel Institute of Technology से डॉक्टरेट और 2021 में Johns Hopkins University से Doctor of Humane Letters, honoris causa की मानद उपाधियाँ शामिल है। 

2006 में, मर्केल को अधिक यूरोपीय एकीकरण की दिशा में उनके योगदान के लिए  Vision for Europe Award  से सम्मानित किया गया।

2008 में यूरोपीय एकता में उनके योगदान के लिए उन्हें Karlspreis (Charlemagne Prize) अवार्ड से सम्मानित किया गया। 

मार्च 2008 में उन्हें  B’nai B’rith Europe Award of Merit से सम्मानित करा।  

16 जून 2010 को अमेरिका की Johns Hopkins University में American Institute for Contemporary German Studies ने जर्मन-अमेरिका को मजबूती देने में उनके योगदान के लिए उन्हें Global Leadership Award (AICGS) से सम्मानित करा। 

31 मई 2011 को भारत सरकार ने उन्हें जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार से सम्मानित करा। 

28 नवंबर 2012 को, उन्हें बर्लिन जर्मनी में Heinz Galinski Award से सम्मानित किया गया। 

2013 में उन्हें भारत  सरकार ने उन्हें इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया। 

मई 2016 में, मर्केल को नीदरलैंड में रूज़वेल्ट फाउंडेशन ने  International Four Freedoms Award से सम्मानित किया। 

2017 में उन्हें United States Holocaust Memorial Museum के द्वारा Elie Wiesel Award से सम्मानित किया गया।  

बर्लिन में American Academy ने उन्हें Henry A. Kissinger Prize से सम्मानित किया। 

तो दोस्तों इतनी महान शख्सियत है एंजेला मर्केल। उन्होंने अपने सही निर्णयों के बल पर जर्मनी ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी महानता का परचम लहराया। 

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