November 29, 2025

कोरोना से बचने के उपाय | खुद कोरोना संक्रमण को कैसे पहचाने 


आज कोरोना एक गंभीर बीमारी बन चुकी है और ऐसे समय में बहुत कम लोगों के पास सही जानकारी है। इस संक्रमण से बचने के लिए ये बहुत जरुरी है कि लोगों को इसके बारे में सही जानकारी उपलब्ध हो, जिससे कि वो इस संक्रमण से बच सकें, और अगर ये संक्रमण हो भी जाए तो क्या करें और क्या ना करें। कैसे आप बिना जांच के ही ये पता लगा सकते हैं कि जिस बुखार को आप कोरोना संक्रमण समझ रहे हैं, वह कोई वाकई में कोरोना है या कोई और वायरल।  

कोरोना से बचने कैसे अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें-

केले-

केले में विटामिन सी के अलावा फाइबर, पोटेशियम, विटामिन B6 और पानी भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कि इम्युनिटी को बूस्ट करके कोरोना से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। 

नारियल

नारियल के तेल से निकलने वाला लॉरिक एसिड और कैप्रीलिक एसिड इम्यूनिटी बूस्टर होता है यह लॉरिक एसिड मोनोलॉरिन बनाता है यह मोनोलॉरिन बैक्टीरिया वायरस और फंगस को को खत्म कर डालते हैं। इसलिए नारियल का तेल कोरोना से लड़ने के लिए एक बहुत ही बढ़िया इम्युनिटी बूस्टर है। 

गर्म पानी पीना-

Corona होने पर गर्म पानी पीना भी शरीर के लिए सही रहता है।

च्यवनप्राश

च्यवनप्राश भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।   

हल्दी

हल्दी से लड़ने के लिए एक बहुत ही अच्छा पर क्यों नहीं ना पदार्थ होता है बैक्टीरिया को खत्म करने में सक्षम होता है हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी एंटीबैक्टीरियल क्योंकि ओबिट से लड़ने के लिए भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं कैंसर से भी सभी की रक्षा करते हैं, दूध में नियमित रूप से हल्दी का सेवन करना शरीर के लिए काफी अच्छा होता है। 

विटामिन C-

विटामिन C एक बहुत ही बढ़िया इम्यूनिटी बूस्टर होता है और कोरोना के इलाज के लिए डॉक्टर भी विटामिन C को recommend करते हैं, इसलिए विटामिन C का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल भी कोरोना से सुरक्षा प्रदान करने में हमारी मदद कर सकता है। 

अदरक-

अदरक में पाए जाने वाले जलनरोधी, एंटी फंगल, एंटी वायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर में कोरोनावायरस की प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने के लिए उपयुक्त माना जाता है इसलिए नियमित रूप से अदरक इस्तेमाल करना चाहिए। 

तुलसी-

तुलसी में पाए जाने वाले इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण Corona के विरुद्ध लड़ने के लिए एक अचूक असरदार औषधि के रूप में काम करती है। 

अनानास

अनानास में विटामिन सी के साथ ही प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला जिंक और मैगनीज प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कोरोना से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। 
इसके अलावा आंवला, व्हीटग्रास, एलोवेरा भी कोरोना से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है। 

गुड और गिलोय-

इसके अलावा गुड और गिलोय भी कोरोना के विरुद्ध एक अचूक असरधारक औषधि है, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही शरीर में रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता रखती हैं, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

रोजाना नाक में सरसों या तिल्ली के तेल की दो-दो बूंद डालें-

रोजाना नाक में सरसों या तिल्ली के तेल की दो-दो बूंद डालने से भी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, और ये भी कोरोना से बचाव के लिए एक कारगर औषधि है।  

ठंडे खाद्य पदर्थों के सेवन से बचें

कोरोना में ठंडी चीजों को खाने से बचना चाहिए और जहां तक हो सके गर्म और ताजी चीजों का ही सेवन करना चाहिए।  

इलायची, जावत्री और कपूर की पोटली बनाकर उसे बार-बार सूँघे-

इलाइची, जावित्री और कपूर के मिश्रण की पोटली बनाकर उसे सूंघने से भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 

हल्की दालों का इस्तेमाल करें-

भोजन में मूँग और मसूर जैसी हल्की दालों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।

बेरी वाले फलों का इस्तेमाल करें-

इनके अलावा ब्लूबेरिज, क्रैनबेरी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, डार्क चॉकलेट भी कोरोना के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने के लिए उपयुक्त औषधियाँ है, ये काफी तरीके के वायरस को शरीर से दूर रखने की क्षमता रखते हैं। 

सौंफ-

सौंफ में शिक़ीमिक नामक एसिड पाया जाता है, जिसका इस्तेमाल एंटीवायरल दवा के रूप में भी किया जा सकता है, कोरोना के विरुद्ध लड़ने की क्षमता प्रदान करने के लिए सौंफ भी एक अच्छी औषधि है।  

लहसुन

लहसुन में कई प्रकार के एंटी वायरल गुण पाए जाते हैं जोकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काफी उपयोगी होते हैं, यह भी कोरोना के विरुद्ध लड़ने की शरीर को क्षमता प्रदान करता है।   

DRDO के द्वारा भारत में बनी दवा कोरोना के इलाज के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकती है- 


Dr. Reddy की मदद से DRDO द्वारा भारत में निर्मित दवा 2D OXY-D-Glucose (2 DG)  के शुरुआती परीक्षण में ये सामने आया है कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना के मरीजों की recovery बहुत तेजी से होने के साथ ही उनमें Oxigen की जरुरत भी कम पड़ती है। इस दवा के इस्तेमाल किये गए कोरोना मरीजों की RT-PCR रिपोर्ट भी जल्दी ही निगेटिव आ जाती है।

2 DG दवा के फायदे- 

मई 2020 में किये गए कोरोना मरीजों पर किये गए क्लीनिकल trial में ये दवा पूरी तरह सुरक्षित पायी गयी। और ये सामने आया कि यह दवा Oxigen की जरुरत को कम करने के साथ ही RT-PCR रिपोर्ट को negative करने में मदद करती है। और इस दवा का सेवन करने वाले मरीज दूसरे कोरोना मरीजों से करीब ढाई दिन पहले स्वस्थ हो गए। 

यह दवा सीधे संक्रमणग्रस्त कोशिकाओं तक  संक्रमण को आगे बढ़ने से रोक देती है। और इस दवा का उत्पादन भी काफी बड़ी मात्रा में आसानी से किया जा सकता है। 

यह दवा कैसे ली जाती है- 

यह powder के रूप में होती है, इसे पानी में घोल कर कोरोना के मरीज को पिलाया जाता है। 

कैसे पहचाने कि आपको Corona है।

केवल जरा सा बुखार आ जाने से ही यह ना समझे कि आपको कोविड-19 हो गया है, अगर इसका आप सही अंदाजा लगाना चाहते हैं तो बुखार आने के बाद शुरू के 3 दिन डोलो-650 एमजी को लेकर देखें, और अपने temperature पर लगातार watch करते रहें, अगर इस बीच में आप का टेंपरेचर Normal आ जाता है तो आपको कोविड-19 की जाँच करवाने की कोई जरूरत नहीं है, यह साधारण वायरल हो सकता है, लेकिन अगर इससे भी आपका बुखार टूटता नहीं है तो आपको कोविड-19 हो सकता है और सही निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए आप अपना कोरोना Test करवाएँ।   

अगर आपको पता चलता है कि आपको कोरोना हुआ है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है, समय पर दवाइयाँ लें, अपने आपको होम isolation में रखें, किसी के संपर्क में ना आएं, प्राणायाम करें, ऑक्सीमीटर के थ्रू अपने ऑक्सीजन के लेवल को लगातार चेक करते रहें।    

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपको फेफड़ों में कोई संक्रमण तो नहीं है, तो इसके लिए आप एक प्रयोग करके देख सकते हैं, आप अपनी ऑक्सीजन और पल्स रेट को सबसे पहले चेक करें और करीब 6-7 मिनट तक घूमने निकले। घूमकर लौटने के बाद वापस अपनी पल्स रेट और ऑक्सीजन को चेक करें।  यदि उनमें 5 या उससे ज्यादा अंकों की गिरावट आ जाए तो आपको फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है, यानी कि आप को निमोनिया हो सकता है, ऐसे समय में आपको डॉक्टर को दिखाना सही रहता है। 

आप एचआरसीटी टेस्ट के साथ ही डीडायमर, सी आर पी, एलडीएच आदि टेस्ट भी करवा सकते हैं।  

कितने समय तक वायरस एक्टिव रहता है-

कोरोना वायरस क़रीब 24 घंटे तक कार्डबोर्ड/गत्ते पर, 6 दिनों तक stainless steel और प्लास्टिक की सतह पर, 4 घंटे तक ताम्बे पर, मुँह से खाँसने पर 3 घंटे तक हवा में, 16 घंटे तक पॉलिथीन पर, 8 घंटे तक रबड़ पर, और 96 घंटे तक शीशे पर active रह सकता है। 

कोरोना से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतें-

बार-बार साबुन से हाथ धोएँ। 

बाहर जाने पर sanitizer का इस्तेमाल करें,

ट्रैफिक में भीड़भाड़ वाले इलाकों में ज्यादा ना घूमे। 

रेड लाइट होने पर गाड़ी थोड़ा पहले रोक लें, जिससे कि आप लोगों से दूरी बनाकर चलें। मास्क का इस्तेमाल करें। 

अगर आप बाहर निकले तो भूल से भी हाथ से अपने मुँह को ना छूहें, और अगर जरुरी भी हो तो अपने हाथ को पहले अच्छी तरह से sanitize कर लें। 

लोगों से हाथ मिलाने या पैर छूने की आदतों से बचें और दूर से ही नमस्ते करने की आदत डालें। 

घर के खाने का इस्तेमाल करें और अगर बाहर का खाना भी खाना चाहें तो बाहर जाकर खाना खाने की आदत से बचें। और खाने को घर पर order करके मंगाएँ और सबसे पहले खाने को अपने बर्तन में खाली करें और सारी उन चीजों को जिनमें खाना पैक होकर के आया है, उन सब चीजों को फेंक दें फिर अपने हाथों को अच्छी तरह से 20 सेकण्ड्स तक धोने के बाद उस खाने को माइक्रोवेव या गैस पर तेज आँच में गर्म करें। और कच्ची चीजें जैसे की सलाद आदि का इस्तेमाल ना करें। ऐसे ही बाजार से आने वाली अन्य चीजों को भी साफ करना चाहिए।  

बाजार से आने वाले दूध सब्जियों आदि को अच्छी तरह से बहते पानी में साफ़ करें। 

सोडियम hypochlorite से अपने फर्श को साफ करें। 

ज्यादातर खुला सामान न लेकर के packed सामान लें और हो सके तो उन्हें दो-तीन दिन तक किसी जगह पर रख कर छोड़ दें और उनका इस्तेमाल दो से तीन दिन बाद करें ताकि उनमें वायरस एक्टिव ना रहें।

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