Allergy क्या होती है?
जब हमारा शरीर किसी बाहरी चीज के संपर्क में आकर उस चीज से उल्टी प्रतिक्रिया करने लगता है तो उसे एलर्जी कहते हैं। अगर दूसरी भाषा में कहें तो इसमें हमारा इम्यून system किसी बाह्य चीजों के संपर्क में आकर अतिक्रियाशील हो जाता है तो उसे एलर्जी कहते हैं। Allergy की गंभीर समस्या बहुत कम ही देखने को मिलती है। Allergy की गंभीर समस्या को anaphylaxis कहते हैं।
Symptoms of Allergy
एलर्जी में क्या होता है। या Allergy के क्या लक्षण होते हैं?
आँखों से आँसू आना, नाक में सरसराहट होना, नाक में से पानी आना, आँखों का लाल होना, शरीर पर लाल चकत्ते होना, आँख और नाक में खुजली होना, चेहरे का लाल होना, आँखों में सूजन आना, शरीर में कमजोरी महसूस होना, पेट में दर्द, उल्टी-मितली आना और कभी-कभी बुखार जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।
Allergy के क्या कारण है?
Allergy किसी भी चीज से हो सकती है जैसे किसी फूल का पराग, किसी अगरबत्ती की धुआँ, खाने पीने की चीजें, पालतू जानवरों के बाल, घास, मौसम, कीट मच्छर धूल-मिट्टी के कण या कोई और चीज।
Allergy कितने प्रकार की होती है? और
Allergy कई प्रकार की होती है, जैसे-
Drag allergy-
किसी भी बीमारी के उपचार के दौरान ली जाने वाली दवाओं से कई बार शरीर गलत प्रतिक्रिया देने लगता है। जिसे drug allergy कहते हैं या फिर दवा के side effects भी कहते हैं। ड्रग allergy में ज्यादातर जी मिचलाना, पेट में दर्द, नींद, सुस्ती जैसी समस्याएँ रहती हैं।
खाद्य पदार्थों से होने वाली allergy-
कई बार कुछ खाद्य पदार्थों से से शरीर गलत प्रतिक्रिया देने लग जाता है, जिसमें सामान्य से लेकर गंभीर लक्षण तक देखने को मिल सकते हैं। इसके लक्षणों में मुख्य रूप से पेट में दर्द, पेट में ऐंठन, खाँसी, पित्ती, उल्टी, गला बैठना जैसी समस्याएं देखेने को मिलती है।
किसी ख़ास पदार्थ के संपर्क में आने से होने वाली allergy-
कई बार किसी बाह्य पदार्थ जैसे perfume, साबुन, cosmetic, गहने, विशेष कुछ जहरीले पौधों के संपर्क में आने से शरीर पर गलत प्रतिक्रया जैसे खुजली, जलन, लाल चकत्ते, ददोड़े होने लगती है।
लेटेक्स allergy (प्राकृतिक लेटेक्स रबड़ में पाए जाने वाले कुछ ख़ास प्रोटीन से होने वाली Allergy)-
प्राकृतिक रबर के द्रव्य पदार्थों में पाए जाने वाले कुछ प्रोटीन्स से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलत प्रतिक्रिया देने लगता है जिसे लेटेक्स एलर्जी कहते है। इस एलर्जी में सामान्य से लेकर गंभीर लक्षण तक देखने को मिल सकते हैं।
पॉलेन यानि कुछ विशेष प्रकार के फूलों के पराग से होने वाली allergy –
कई बार कई लोगों को कुछ विशेष प्रकार के फूल के संपर्क में आने पर छींके, आँखों में आँसू, जलन, नाक में खिंचाव, जुकाम, नाक में पानी बहना, मुँह का लाल हो जाने जैसी समस्याएँ आने लगती हैं। वास्तव में नाक की श्लेष्मा झिल्ली फूलों के पराग से प्रभावित हो जाती है। और इस तरह की allergy का कारण बन जाती है।
एलर्जी पैदा करने वाले कुछ खास पदार्थों के सम्पर्क में आने से होने वाली allergy-
कई बार शरीर कुछ बाहरी पदार्थों paint, प्रदूषण, धूम्रपान, फफूँद जैसे बाहरी पदार्थों के संपर्क में आने पर कुछ असामान्य प्रतिक्रिया देने लगता है। जैसे जुकाम, आँख-नाक से पानी बहना, आँखों में जलन, चेहरे का लाल होना आदि।
पशु allergy-
कई बार पशुओं की लार, उनकी कोशिकाओं और उनके मूत्र में मौजूद प्रोटीन के प्रति शरीर में कुछ असामान्य प्रतिक्रिया होने लगती है। जिसे पशुओं से होने allergy कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से छींक, नाक बहना जैसी समस्याएँ आम रूप से देखने को मिलती हैं.
कई बार शरीर किसी जहरीले कीट या जानवर के डंक या उनके संपर्क में आने पर असामान्य प्रतिक्रियाएं देने लगता है। जैसे लाल चींटी के खाने शरीर में ददोड़े होने लगते हैं और मधुमखी के डंक से त्वचा में तेज जलन और त्वचा लाल हो जाती है।
Mold Allergy-
कई बार फफूंदी के संपर्क में आकर कुछ लोगों के शरीर का प्रतिरोधक तंत्र तेज प्रतिक्रिया करने लगता है और उनमें जुकाम, नाक और आँख बहना, नाक में सरसराहट जैसी समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा मौसम और atmosphere change होने पर भी इसी तरह की प्रोब्लेम्स होने लगती है।
तीव्र ग्राहिता (गंभीर और जानलेवा allergy)
इसके अलावा कुछ एलर्जी बहुत ही खतरनाक हो सकती है।
Allergy का पता लगाने के लिए कौनसा test करते हैं।
Allergy test के लिए त्वचा और खून दोनों का टेस्ट होता है जिससे ये पता किया जाता है कि आपको किस चीज से allergy है। जिससे आप सांस, छूने, खाने और पीने के द्वारा संपर्क में आते हैं।
Allergy का पता लगाने के लिए Test में त्वचा और खून की जांच करते हैं। जिससे कि ये पता लगता है कि किस चीज से आपको allergy है। ज्यादातर डॉक्टर सबसे पहले त्वचा की जांच करके एलर्जी का पता लगाने की कोशिश करते हैं। और कई बार डॉक्टर एलर्जी का पता लगाने के लिए दोनों जांच करते हैं। त्वचा की जांच में कुछ तरीके के टेस्ट किये जाते हैं जिनकी जानकारी नीचे दी गयी है।
Skin Prick Test-
Skin Prick Test में allergic तत्त्व यानि कि allergy बढ़ाने वाले तत्त्वों की कुछ बूंदे व्यक्ति की त्वचा पर डालकर सुई से त्वचा पर कुछ खरोंचे या छिद्र करके उस allergic पदार्थ को शरीर के अंदर पहुँचाया जाता है। अगर उस दौरान शरीर पर सूजन, खुजली या ललाई आ जाए तो इससे ये पता चल जाता है कि मरीज को इन पदार्थों से allergy है।
Intradermal test-
इस test में एलर्जिक पदार्थों की कुछ मात्रा को उनकी त्वचा में injection के द्वारा छोड़ा जाता है।
Skin Patch Test-
इस टेस्ट में allergic पदार्थ की कुछ मात्रा को एक pad पर बांधकर 1 से 2 दिन के लिए छोड़ जाता है। इस टेस्ट को कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस नाम की स्किन एलर्जी का पता लगाने के लिए करते हैं। इसके results काफी accurate होते हैं। इसके जरिया करीब 60 तरीके की allergies का पता लगाया जा सकता है।
Blood Test
इसके अलावा एलर्जी का पता लगाने के लिए blood test भी किया जाता है। लेकिन ये बहुत ज्यादा सटीक नहीं होता है।
कई बार शरीर में किसी तत्त्व की कमी होने पर भी allergy हो जाती है उदाहरण के लिए कुछ लोगों को गेहूँ खाने से सिलियक (Celiac) desease हो जाती है। खून की कमी, विटामिन डी या calcium की कमी से कई बार गेहूँ से होने वाली ग्लूटन allergy हो सकती है। अगर एलर्जी टेस्ट में गेँहू से एलर्जी का पता लग जाता है तो गेहूँ खाने के लिए मरीज को मना कर दिया जाता है और उसे कोई और आटा खाने की सलाह दी जाती है और उनको उनके शरीर में जिन चीजों की कमी है जिसकी कमी से उनको वो एलर्जी हुई है। दवाओं के द्वारा उन कमियों को दूर किया जाता है।
Allergy की मुख्य वजह इम्यून system की कमजोरी भी होती है, जो लोग अपने बच्चों को ज्यादा ऐशो-आराम से पालते हैं, और गन्दगी से बिल्कुल दूर रखते हैं एलर्जी की समस्या ज्यादातर ऐसे लोगों में देखने को मिलती है यही वजह है कि गांव के लोग शहर के लोगों की अपेक्षा allergy से कम ग्रसित होते हैं। क्योंकि गांव के लोग गन्दगी और धूल मिट्टी के प्रति शहर के लोगों की तुलना में कम संवेदनशील होते हैं। इसलिए धूल मिट्टी के प्रति अपने बच्चों को संवेदनशील नहीं बनाना चाहिए उन्हें कीचड़ मिट्टी में खेलने देना चाहिए। और धूप और बारिश के भी पूरे-पूरे मजे लेने देने चाहिए ताकि उनकी huminity मजबूत हो।
कई ऐसी home remedies होती हैं जिनसे आप काफी हद तक एलर्जी से बच सकते हैं तो आइये जानते हैं ऐसी कौनसी वो चीजें हैं जिनसे एलर्जी से बचाव किया जा सकता है।
Allergy में क्या करना चाहिए।
Allergy से बचने के उपाय-
Home Remedies of Allergy-
सेब का सिरका-
सेब के सिरके में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटीहिस्टामिन गुण एलर्जी को बढ़ने से रोकने में हमारी मदद करते हैं।
शहद-
शहद में प्रचुर मात्रा में मौजूद प्रोबायोटिक या सहायक बैक्टीरिया हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं जिससे एलर्जी से रहत मिलती है।
देशी घी की कुछ बूंदों को नाक में डालना-
जो लोग धूल मिट्टी के प्रति संवेदनशील होते हैं, उनके जब धूल मिट्टी नाक में प्रवेश करती है तो तो वो श्लेष्मा झिल्ली से टकराती है जिससे कि ये तत्त्व उल्टे तत्त्व बनाने लगते हैं जिससे कि श्लेष्मा झिल्ली में सूजन आ जाती है और जिसके कारण आँख और नाक में से पानी बहने लगता है। और खराश और नाक और आँख में जलन मचने लग जाती हैं। पर अगर ऐसे लोग जिनको बाह्य तत्त्वों से बहुत जल्दी एलर्जी हों जाती हो, उन्हें प्रतिदिन सुबह के समय 2-3 बूँदे देशी घी की नाक में डालनी चाहिए, इससे धूल मिट्टी के कण नाक की झिल्ली को छू नहीं पाएंगी जिससे कि एलर्जी की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
पुदीना-
पुदीने में मौजूद मेंथोल एलर्जी को ख़त्म करने में हमारी काफी मदद करती है। इसकी पत्तियों को सूंघने से allergy में काफी फायदा मिल सकता है।
तुलसी, अदरक, काली मिर्ची की चाय-
तुलसी अदरक और काली मिर्ची की चाय से जुकाम और एलर्जी में काफी राहत मिलती है।
नारियल का तेल-
Skin Allergy होने पर नारियल का तेल लगाने से काफी फायदा होता है, यह नेचुरल mosturaiser होने के साथ ही skin एलर्जी को ख़त्म करने में भी काफी कारगर होता है।
Aloevera-
Aloevera कई तरह के औषधीय गुणों से भरपूर होती है, यह स्किन एलर्जी में भी काफी फायदेमंद होती है। allergy वाली जगह पर aloevera लगाने से काफी हद तक एलर्जी में राहत मिलती है।
नीम-
अगर स्किन में Allergy है तो नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से नहाना चाहिए, इसके antibactirial तत्त्व शरीर के bactiria को खत्म करके स्किन की कई तरह की बीमारियों से राहत दे सकते हैं।
प्राणायाम-
अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका प्राणायाम से भी काफी हद नाक से जुड़ी allergy से मुक्ति मिल सकती है।
काली मिर्च-
काली मिर्च भी एलर्जी का बहुत बढ़िया उपचार है, इसे या तो गर्म पानी में उबाल कर पी सकते हैं या चाय में काली मिर्च पीसकर या फिर काली मिर्च सीधी खा सकते हैं।
Homoepathy में भी एलर्जी का बहुत ही कारगर इलाज होता है, हम आपको यों ही homoeopathy की दवाइयाँ suggest नहीं कर सकते हैं क्योंकि अगर आप allergy से राहत पाने के लिए homoeopathy पद्धति को काम में लेवें तो किसी homoepathic Doctor की सलाह जरूर लें क्योंकि होमएपथिक पद्धति में व्यक्ति की उम्र symptoms को ध्यान में रखकर ही सही दवा दी जाती है, जिसका निर्णय homoeopathic चिकित्सक ही करता है।
