What is Stress? | Stress क्या होता है। Stress का क्या कारण होता है? | What are the reasons for Stress?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, वैसे तो व्यक्ति में मुश्किलों का सामना करने की क्षमता होती हैं और वो जीवन में आने वाले हर challenge का आसानी से सामना कर लेते हैं, लेकिन व्यक्ति जब इन मुसीबतों का सामना नहीं कर पाता है। तो व्यक्ति मानसिक रूप से हद से ज्यादा उन परेशानियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर लेता है, और उनसे बाहर निकलने के बारे में हद से ज्यादा सोचने लग जाता हैं, जिससे व्यक्ति में तनाव उत्पन्न होने लगता है, जिसे हम stress कहते हैं।
Symptoms-
नींद काम आना या फिर बहुत ज्यादा नींद आना- Tension में या तो नींद बहुत कम आती है या फिर बहुत ज्यादा नींद और थकान आने लगती है।
निर्णय लेने की क्षमता में कमी आना-
जो लोग तनाव में होते हैं उनमें निर्णय क्षमता का काफी अभाव होता है। और वो confused रहते हैं जिसके कारण वो कोई भी निर्णय समय पर नहीं ले पाते हैं।
काम पर ध्यान नहीं लगना-
जो लोग तनाव के शिकार होते हैं उनका नहीं लगता है, और वो अपना ज्यादातर समय मानसिक उलझनों से से बाहर निकलने या फिर अपनी परेशानियों के बारे में सोचने में बिता देते हैं।
याददाश्त में कमी आना-
तनाव के शिकार व्यक्ति को याददाश्त पर बहुत बुरा असर पड़ता है और वो छोटी-छोटी चीजों के बारे में भी वो भूल जाता है।
भूख में कमी आना या ज्यादा भूख लगना-
तनाव से ग्रस्त व्यक्ति को या तो ज्यादा भूख लगती है या फिर उसको बहुत कम भूख लगती है।
नकारात्मक सोच-
तनावग्रस्त व्यक्ति हर चीज के बारे में नकारात्मक सोचता है। और हर किसी की कमियों पर फोकस करने लग जाता है।
पाचन क्रिया की गड़बड़ी-
तनाव में पाचन क्रिया पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है, अक्सर तनाव ग्रस्त व्यक्ति को घबराहट होने के कारण या तो उल्टी और दस्त होने लगते हैं, या फिर कब्ज की शिकायत रहती है।
भावुक होना-
कई बार व्यक्ति तनाव में बहुत ज्यादा भावुक हो जाता है। इसके साथ ही आपमें बहुत ज्यादा आत्मविश्वास की कमी आ जाती है। आप अपने जीवन का कोई goal नहीं बना पाते हैं।
Stress से क्या होता है | How stress affect your body | Stress से होने वाली बीमारी
- अधिक stress लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा असर पड़ता है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है।
- अधिक स्ट्रेस लेने से शरीर अपनी काफी साड़ी ऊर्जा इन stress से निपटने में लगा देता है जिससे कि एड्रेनालिन और कार्टिसोल नामक हार्मोन का स्राव बढ़ने लगता है, जिससे कि BP बढ़ने लगता है और हार्ट पर दबाव बढ़ता है।
- अधिक स्ट्रेस के कारण कई मांसपेशियों, सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
- अधिक स्ट्रेस के कारण श्वसन सम्बन्धी बीमारियां भी उत्पन्न हो सकती है।
Stress से कैसे बचें |
व्यायाम करें-
व्यायाम करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। इससे तनाव बढ़ाने वाले harmons नियंत्रित होते हैं, शरीर में रक्त संचरण बढ़ता है। और शरीर में अच्छा महसूस कराने वाले हार्मोन्स का स्त्राव बढ़ता है।
अपने आप को काम में लगाएं-
हमेशा अपने आप को काम में busy रखें। और फ़ालतू ना बैठें, अपनी दिनचर्या बनाएं और दिनचर्या के हिसाब से व्यवस्थित तरह से काम करें। फुर्सत के वक्त में गाने गाएं, गाने सुने या कोई indoor या outdoor गेम खेलें। सोने से पहले करीब एक घंटा आराम करें। अच्छा महसूस करें। और हो सकें तो सोने से पहले नहाने की आदत डालें इससे काफी अच्छी और गहरी नींद आती है। और कभी भी सोने से पहले चाय, कॉफी या फिर किसी और निकोटिनयुक्त वस्तु का सेवन ना करें। और नशीले पदार्थों और धूम्रपान का सेवन ना करें।
प्राणायाम और ध्यान करें-
नियमित रूप से प्राणायाम और ध्यान करने से भी तनाव से मुक्ति मिलती है। ये तंत्रिका तंत्र और मन को मजबूत बनाते हैं और मन को एकाग्र और प्रसन्न करने में मदद करते हैं।
नियमित रूप से सकारात्मक सोचें-
हमेशा सकारात्मक सोचें, क्योंकि आप जीवन में आने वाली किसी भी परेशानी का हसकर और सकारात्मक तरीके से सही तरह से सामना कर सकते हैं और आप अपनी परेशानियों से बाहर निकल सकते हैं। और नकारात्मक सोच के द्वारा आप परेशानियों में और उलझते जाते हैं। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचें।
अपने आप को flexible बनाएं-
कभी भी आपको बहुत ज्यादा strict नहीं होना चाहिए कभी भी कोई strict नियम नहीं बनाने चाहिए बल्कि जीवन में flexible रहना चाहिए और अपने आपको हमेशा हल्का रखना चाहिए। कोई भी नियम को बहुत strictness के साथ follow नहीं करना चाहिए।
सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए-
जो लोग से उठते हैं उनमें से अधिकतर पूरे दिन आलस्य से भरे रहते हैं और उनमें ज्यादा जोश और आत्मविश्वास देखने को नहीं मिलता है। इसलिए हमेशा जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए क्योंकि इससे तनाव बढाने वाले हॉर्मोन्स नियंत्रित रहते हैं, जिससे कि पूरे दिन मन प्रसन्न और जोश उत्साह से भरा रहता है।
हमेशा लोगों के साथ मेलमिलाप रखें-
हमेशा अपने रिश्तेदारों और मित्रों के साथ कुछ समय बिताने के लिए कुछ समय निकालें, इससे मन प्रसन्न रहता है और जब एक दूसरे से अपने मन की बात share करते हैं तो मन को शांति मिलती है और एक दूसरे से सीखने का मौका मिलता है और मन प्रसन्न रहता है।
जरुरतमंदों की मदद करें-
जरूरतमंदों की मदद करने से भी मानसिक शांति मिलती है और प्रसन्नता का अनुभव होता है, और इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार जरुरतमंदों की मदद करते रहना चाहिए।
सोते वक्त हमेशा motivational वीडियोज या किताबें पढ़कर सोएं-
सोने से पहले आधे घंटे हमेशा motivational वीडियोज और किताबें पढ़ने से भी मन को प्रसन्नता मिलती है और नकारात्मकता समाप्त होने लगती है, और आदमी में जीवन में सफलता हासिल करने की प्रेरणा मिलती है।
नशीले पदार्थों से दूर रहें-
नशीले पदार्थों के सेवन से भी तनाव बढ़ता है, इसलिए हमेशा नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
आप अपनी किसी भी hobby से जुड़ें-
आपको किसी ना किसी hobby (music, badminton, ताश, carom या फिर कोई) से जुड़ना चाहिए जब किसी किसी hobby से जुड़ते हैं तो हम अकेले नहीं होते हैं और हमारा मन हमेशा प्रसन्न रहता है।
ठन्डे पानी से नहाएं-
हमेशा ठन्डे पानी से नहाने की आदत डालनी चाहिए इससे तनाव काम करने वाले harmons शरीर में स्त्रावित होने लग जाते हैं जिससे कि मन प्रसन्न रहता है।
लोगों को ना कहने की भी आदत डालें- कभी भी यह नहीं सोचना चाहिए कि अगर हमने किसी को किसी काम के लिए मना करा तो उसे बुरा लगेगा, आप अगर किसी का कोई काम नहीं करना चाहें बेझिझक होकर के मना करने की आदत डालें, इससे आप पर unnessessary का presure नहीं पड़ेगा और आपका मन प्रसन्न रहेगा। हमेशा लोगों को सीधा बोलने की आदत डालें। और अपने आपको हल्का महसूस करें। हमेशा पहले खुद को प्राथमिकता दें और बाद में औरों की सोचें। इससे हमेशा आप अच्छा महसूस करेंगे।
हमेशा comedy से भरपूर चीजें देखें और सुने-
Comedy से भरपूर चीजें देखने, पढ़ने और सुनने से भी मन बहुत प्रसन्न रहता है। और इससे मन में हमेशा स्फूर्ति बनी रहती है।
घूमने का शौक अपनाएं-
जो लोग घूमने के शौकीन होते हैं उनमें से अधिकतर लोग हमेशा जोश और उत्साह से भरे रहते हैं और हमेशा स्फूर्ति का अनुभव करते हैं और खुश रहते हैं। जब हम घूमते हैं तो हम कई तरह के लोगों और उनकी जीवनशैली को देखते हैं हमारे अंदर की negativity समाप्त होने लगती हैं और सकारात्मकता का संचार होता है।
एक समय में एक काम को ही अपनाएं- कई लोग एक समय में कई काम करने की कोशिश करते हैं जैसे कोई व्यक्ति खाना खाते समय फ़ोन पर ब्लूटूथ से बात भी कर लेता है अखबार भी पढ़ लेता है, और पूरे दिन की योजनाएं भी बनाने लग जाता है तो ऐसे आदमी को किसी भी काम में संतुष्टि नहीं मिल पाती है, ना वो सही तरह से खाने का स्वाद ले पाता है, ना हो वो तरीके से अखबार पढ़ पाता है और किसी से सही तरीके से पूरे ध्यान से बात भी नहीं कर पाता है, और ना ही वो सही तरीके से पूरे दिन की योजनाएँ बना पाता है क्योंकि वो एक समय में कई कामों में अपने आपको व्यस्त कर रहा है।
हमेशा संतुलित और सुपाच्य भोजन करें-
हमेशा हल्का और संतुलित भोजन करने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि अगर पेट स्वस्थ रहता है तो मन भी प्रसन्न रहता है। और corbohydrate, वसा, और प्रोटीन भी मस्तिष्क की जरुरत है। इसलिए इनका भी भोजन में सही मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए।
Vitamin C का अधिक से अधिक सेवन करें-
Vitamin C भी तनाव को कम करने में मदद करता है इसलिए विटमिन C का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए।
लम्बी साँसे लें मसाज करें-
तनाव होने पर लम्बी साँसे लेने पर भी काफी हद तक तनाव से मुक्ति मिलती है। और इसके अलावा मसाज से भी तनाव से मुक्ति मिलती है।
तनाव में क्या खाएं
तनाव के समय हमारे शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ने के कारण हमारे शरीर में potassium घटने लगता है इसलिए तनाव के समय हमें potassium युक्त भोजन अधिक से अधिक करना चाहिए ताकि शरीर में पोटेशियम का स्तर सही रहे। पोटेशियम heart beat को सही रखने के साथ ही मस्तिष्क को oxygen पहुंचाता है और शरीर में पानी का संतुलन सही रखता है।
Vitamin D का सेवन करें-
विटामिन D शरीर के साथ ही दिमाग के पोषण के लिए भी बहुत जरुरी होता है। इसलिए विटामिन D का सही मात्रा में इस्तेमाल करने से भी stress को कम किया जा सकता है या stress को दूर भगाया जा सकता है।
Omega 3 Fatty acids-
Omega 3 fatty acids stress के इलाज के लिए बहुत ही कारगर होता है, इसलिए Omega 3 fatty acids युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
खूब पानी पीना चाहिए-
प्रचुर मात्रा में पानी पीने से dehydration की समस्या कम होती है जिससे कि दिमाग का concentration level बढ़ता है।
पोटेशियमयुक्त भोजन करें-
तनाव के समय हमारे शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ने के कारण हमारे शरीर में potassium घटने लगता है इसलिए तनाव के समय हमें potassium युक्त भोजन अधिक से अधिक करना चाहिए ताकि शरीर में पोटेशियम का स्तर सही रहे। पोटेशियम heart beat को सही रखने के साथ ही मस्तिष्क को oxygen पहुंचाता है और शरीर में पानी का संतुलन सही रखता है।
नाश्ता करने की आदत डालें-
स्ट्रेस को अगर बचना चाहते हैं तो हमेशा भोजन से पहले नाश्ता करने की आदत डालें। यह शरीर के metabolism को बनाये रखता है। और डिप्रेशन से शरीर रखता है।
हरी सब्जियाँ-
हरी सब्जियों में पाए जाने वाले विटामिन,कैल्शियम,आयरन,फाइबर,आयोडिन जैसे तत्त्वों में प्रचुर मात्रा में anti oxidents पाए जाते हैं। ये मस्तिष्क के लिए काफी बढ़िया होते हैं और दिमाग को शक्ति प्रदान करते हैं।
दही-
दही में पाया जाने वाला लैक्टोबेसिलस और बिफिडोबैक्टीरिया दिमाग पर बहुत ही अच्छा प्रभाव डालते हैं, अतः दही का इस्तेमाल करके स्ट्रेस को दूर भगाया जा सकता है।
ग्रीन टी-
ग्रीन टी में पाया जाने वाला Thiamine नामक एमिनो एसिड मूड से जुडी परेशानियों को ठीक करने में अहम भूमिका निभाता है। ये अवसाद को दूर करके दिमाग को आराम देने वाले महत्त्वपूर्ण गुण होते हैं। और यह dopamine और serotonin के उत्पादन को भी बढाने में मदद करता है।
इसके अलावा कद्दू के बीज, हल्दी भी तनाव को दूर करने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।
