आँखें शरीर का बहुत ही महत्त्वपूर्ण अंग होती हैं, इनकी सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि आजकल हम ये देख रहें हैं कि बहुत ही कम उम्र में लोगों के चश्मा चढ़ रहा है, लोग अपनी आँखों पर तरीके से ध्यान नहीं दे रहे हैं, और इसका नतीजा ये हो रहा है कि आज लोगों की आँखें कमजोर होती जा रही हैं। हम अपनी रिसर्च कंपनी wellbrid.com के सौजन्य से आज आँखों की सुरक्षा के लिए आपके लिए काफी जानकारियाँ लाए हैं ताकि आप अपनी खूबसूरत आँखों से इस खूबसूरत दुनिया का मजा ले सकें। आज हम आपको बताएंगे कि-
- आँखें खराब कैसे होती हैं
- आँखे कमजोर होने के क्या लक्षण हैं
- आँखों पर चश्मा क्यों लगता है
- आँखे क्यों कमजोर होती है
- आँख की कमजोरी कैसे दूर करें
- किन चीजों से आँखों को नुकसान पहुँचता है
- आँखों की सफाई का कैसे ध्यान रखें
- आँखों का No. कैसे कम करें
- आँखों को सुन्दर कैसे बनाएं
- आँखों की कमजोरी हटाने के लिए कौनसी क्रिया की जाती है
- रेटिनल क्या होता है
- आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए क्या करें
आँखें खराब कैसे होती हैं-
आँखों की सफाई नहीं करना-
अपनी आँखों की सही तरह से सफाई नहीं करने से भी आँखें खराब हो सकती हैं, हमें चाहिए कि दिन में कम से कम 2-3 बार अपनी आँखों की सफाई जरूर करें। ताकि आँखे साफ सुथरी रहें।
आँखों को आराम नहीं देना-
हर 20-30 मिनट आँखों को बंद करके थोड़ा आराम देना चाहिए। लेकिन लोग बिना विराम दिए कंप्यूटर, मोबाइल और TV का इस्तेमाल करते हैं जिससे कि आँखों को नुकसान पहुंचता है।
कॉन्ट्रेक्ट लेंस लगाकर सो जाना-
कांट्रैक्ट लेंस लगाकर सो जाने से भी आँखें खराब हो सकती हैं, इससे आँखों को proper ऑक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण आँखों में खराबी आने लगती है।
अगर आपके पहले से चश्मा लगा हुआ है और आप चश्मा नहीं लगाते हैं तो भी आँखों को नुकसान पहुँचात है।
आँखों को बार-बार मसलना-
अगर धूल मिट्टी के कारण या किसी infection के कारण अपनी आँखों को रगड़ते हैं तो उससे भी आँखों को नुकसान पहुंचता है, आँखों में खुजली होने पर आँखों को धोना चाहिए या फिर कोई अच्छी eye drops डालनी चाहिए।
दूसरे का चश्मा काम में लेने से भी आँखें खराब हो सकती है क्योंकि अगर उनकी आँखों में कोई infection या बीमारी हो तो वो उनके चश्मे के through वो बीमारी आपको भी लग सकती है।
आँखें कमजोर होने के क्या लक्षण हैं-
अगर किसी को काफी समय से धुंधला दिखाई देने लगे तो ये आँखों की खराबी का संकेत हो सकता है आपको तुरंत ऐसे समय में अपनी आँखों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि ऐसा या तो किसी infection के कारण हो सकता है, या विटामिन A और E की कमी के कारण या फिर मोतियाबिंद के कारण।
अगर किसी को देखने के साथ ही सिर में भी दर्द होता हो तो ये भी आँखों की खराबी होने का एक संकेत है। क्योंकि TV, Computer और mobile आदि की तेज रोशनी के साथ ही आँखों में स्ट्रेस पड़ने लगता जिससे कि आँखें कमजोर होने लगती है और धीरे-धीरे सामान्य रोशनी के कारण भी आँखों जोर पड़ने लगता है और जिसके कारण सिर दर्द भी होने लगता है।
आँखों में खुजली होना या जलन होना-
अगर आपकी आँखों में बार-बार खुजली हो या जलन हो और आँखों पानी बहता हो तो ये भी आँखें खराब होने का एक संकेत हो सकता है।
आँखों के रंग में बदलाव-
अगर किसी कि आँखे नियमित रूप से लाल रहती हों तो ये भी आँखों में खराबी का एक संकेत है।
आँखों पर चश्मा क्यों लगता है-
आँखों पर चश्मा मुख्य रूप से मायोपिया, प्रेसबायोपिया, हाइपरमेट्रोपिया (myopia , Presbyopia, Hypermetropia), आदि कारणों से लगता है। इनके कारण हमारे आँखों की बनावट कुछ इस प्रकार की हो जाती है जिसके कारण retina पर फ साफ तस्वीर नहीं बन पाती है और चश्में का lens focal length को सही करके सही तस्वीर बना देता है। जिसके कारण चश्मा लगाया जाता है।
आँखे क्यों कमजोर होती है–
आँखों की सही तरह से देखभाल नहीं करने के कारण और उम्र के साथ कई बार आँखों की दृष्टि कमजोर होने लगती है।
आँख की कमजोरी कैसे दूर करें–
आँखें कमजोर होने की स्थिति में विटामिन सी, विटामिन ए और बीटा कैरोटिन, B6, B9 और B12 ओमेगा-3 फैटी एसिड्स जैसे पोषक तत्त्वों से भरपूर आहार लेने से आँखे कमजोर होने से रोका जा सकता है।
किन चीजों से आँखों को नुकसान पहुँचता है-
गाड़ियों से निकलने वाली धुआं में मौजूद कॉर्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोऑक्साइड और फैक्टरियों से निकलने वाला सल्फर आँखों के लिए बहुत खतरनाक होता है। इसके आलावा कम रोशनी में पढ़ना, धूम्रपान करने, कंप्यूटर, मोबाइल, TV आदि को करीब से देखने, तेज रोशनी को नंगी आँखों से देखने से आँखों को नुकसान पहुंचता है इसके अलावा makeup लगाकर सोने, कॉन्ट्रैक्ट लेंस लगाकर सोने और बार-बार आँखों को रगड़ने से भी आँखों को नुकसान पहुँचता है।
आँखों का No. कैसे कम करें-
खाने में ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्त्वों को लेने, आँखों को स्वच्छ पानी से धोने से भी आँखों का नंबर कम कर सकते है।
आँखों की सफाई का कैसे ध्यान रखें-
आँखों को नियमित रूप से खोने, त्रिफला के पानी को आँखों को धोने में इस्तेमाल करने से भी आँखों की सफाई बनी रहती है। अगर आँख में कोई खराबी आ जाए जैसे कि आँखों में खुजली, जलन हो तो eye drops का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
आँखों को सुन्दर कैसे बनाएं-
खूब पानी पीने, 7-8 घंटे की नींद लेने, पोषक तत्त्वों से भरपूर भोजन करने से शरीर के साथ आँखों और आँखों की त्वचा और उसकी खूबसूरती पर भी काफी अच्छा असर पड़ता है।
विटामिन A और विटामिन D आँखों को स्वास्थ्य के साथ ही आँखों की खूबसूरती को बढाने में भी मदद करता है।
आँखों की कमजोरी हटाने के लिए कौनसी क्रिया की जाती है-
1. सुबह के समय उगते सूरज के सामने बैठकर दोनों हाथों की हथेलियों को रगड़कर गर्म करके उससे अपनी आँखों को ढकने और फिर थोड़ी देर विश्राम करने से भी आँखों के स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है।
2. सीधे बैठकर बिल्कुल सीधी दिशा में मुँह करके बिना मुँह को हिलाए अपनी आँखों से दाएँ और बाएँ देखने और फिर विश्राम करें, इससे भी आँखों की रोशनी पर अच्छा असर पड़ता है।
रेटिनल क्या होता है-
हमारी आँख के पिछले पर्दे को रेटिनल कहते हैं। इनमें कुछ ऐसी कोशिकाएँ मौजूद रहती जिनकी मदद से प्रकाश पहुँचता है और जिससे हम देखने में सक्षम हो पाते हैं। आँखों की अधिकतर बीमारियाँ रेटिना में खराबी के कारण ही होती हैं क्योंकि क्योंकि उसमे खराबी आने पर प्रकाश की क्षमता काम होने लगती है।
तो अब हम बात करेंगे कि आँखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं।
तो आइये देखते हैं कि हम आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए क्या करें–
हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन-
हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाले खास Anti-oxidants जैसे कि Lutein, विटामिन C, Zeaxanthin, Vitamin E, Zinc आँखों की सेहत के लिए बहुत जरुरी होते हैं इसलिए हरे पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकली, sprouts के साथ-साथ टमाटर सलाद आदि का सेवन करना चाहिए।
दालों और सूखे मेवे का सेवन करना-
दालों में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला bioflavonoids और जिंक आँखों के लिए बहुत जरुरी पोषक तत्त्व हैं। इसके अलावा dry fruits में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन ई और fatty acids आँखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होते हैं।
आँखों की ज्योति बढ़ाने के लिए Vitamin C युक्त फलों का इस्तेमाल करना चाहिए। जो कि खट्टे फलों जैसे नीम्बू, आंवले, संतरे अमरूद जैसे फलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
पीले और नारंगी रंग के के फलों और सब्जियों आम, पपीता, आडू आदि को अपने आहार में शामिल करना चाहिए क्योंकि इनमें प्रचुर मात्रा में Lycopene और beta–carotene पाया जाता है। इसके आलावा Lycopene और beta-carotene हरी सब्जियों में भी पाया जाता है।
Lutein और zeaxanthin युक्त फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करें-
आँखों की रोशनी बढाने के लिए Lutein और zeaxanthin से भरपूर भोजन जैसे हरी पत्तेदार सब्जियाँ (जैसे, केल, पालक, ब्रोकोली, मटर और सलाद आदि का सेवन करना चाहिए।
गुलाब जल का इस्तेमाल-
हफ्ते में दो तीन बार आँखों में गुलाब जल डालने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।
सरसों के तेल की पैरों के तलवे पर मालिश करने से नेत्र ज्योति बढ़ती है।
रात को त्रिफला को पानी में भिगोकर सुबह उसको छानकर उस छने हुए पानी से आँखें धोने से भी आँखों की रोशनी बढ़ती है।
गाजर में प्रचुर मात्रा में beta carotene और और विटामिन A पाया जाता है जो कि आँखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए Vitamin A और beta carotene युक्त भोजन जैसे चुकंदर, गाजर, पनीर, दूध, टमाटर, हरी सब्जियां, पीले रंग के फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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